09 Aug 2026
नई दिल्ली, 9 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ने वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौतम ने रविवार को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी की विचारधारा किसी व्यक्ति, धर्म या समुदाय विशेष पर आधारित नहीं है, बल्कि देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार और प्रतिनिधित्व देने पर केंद्रित है।
गौतम ने कहा कि संविधान किसी व्यक्ति विशेष, धर्म या समुदाय को समर्पित नहीं, बल्कि भारत के नागरिकों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य महिलाओं, पुरुषों और किन्नर समाज को समानता के आधार पर सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराना है।
महिला 49, पुरुष 49 और किन्नर समाज को 2 प्रतिशत प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ने संगठन से लेकर विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, पत्रकारिता और अन्य संवैधानिक संस्थानों में स्त्री, पुरुष और किन्नर समाज को क्रमश: 49 प्रतिशत, 49 प्रतिशत और 2 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की बात कही है।
पार्टी के मुताबिक लोकसभा चुनाव में वह महिलाओं के लिए 261, पुरुषों के लिए 261 और किन्नर समाज के लिए 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की नीति अपनाएगी। गौतम ने कहा कि यदि पार्टी को लोकसभा में पूर्ण बहुमत मिलता है तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी इसी अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
पार्टी ने प्रधानमंत्री पद को लेकर भी एक अलग व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत लोकसभा के पांच वर्ष के कार्यकाल में पहले दो वर्ष महिला, अगले दो वर्ष पुरुष और अंतिम एक वर्ष किन्नर समाज के प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का अवसर देने की बात कही गई है। पार्टी ने मंत्रिमंडल में नए सांसदों को शामिल करने की नीति अपनाने की भी घोषणा की है।
तीनों राज्यों में सीटों के बंटवारे का फार्मूला
गौतम ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403, उत्तराखंड की सभी 70 और पंजाब की सभी 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
पार्टी द्वारा घोषित प्रस्तावित फार्मूले के अनुसार—
उत्तर प्रदेश: महिलाओं के लिए 199, पुरुषों के लिए 199 और किन्नर समाज के लिए 5 सीटें।
उत्तराखंड: महिलाओं के लिए 34, पुरुषों के लिए 34 और किन्नर समाज के लिए 2 सीटें।
पंजाब: महिलाओं के लिए 57, पुरुषों के लिए 57 और किन्नर समाज के लिए 3 सीटें।
पार्टी ने कहा है कि तीनों राज्यों में पूर्ण बहुमत मिलने की स्थिति में राज्य मंत्रिमंडलों में भी इसी अनुपात के करीब प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
गौतम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 60 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 29 महिलाएं, 29 पुरुष और 2 किन्नर समाज के प्रतिनिधि होंगे। उत्तराखंड में 11 सदस्यीय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 5 महिलाएं, 5 पुरुष और एक किन्नर समाज के प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। पंजाब में 17 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 8 महिलाएं, 8 पुरुष और एक किन्नर समाज के प्रतिनिधि को स्थान देने की बात कही गई है।
पार्टी ने राज्यों में भी मुख्यमंत्री पद के लिए पांच साल के कार्यकाल को तीन हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पहले दो वर्ष महिला, अगले दो वर्ष पुरुष और अंतिम एक वर्ष किन्नर समाज के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई है। हर मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को शामिल करने की भी घोषणा की गई है।
‘एक राष्ट्र-एक समान शिक्षा और स्वास्थ्य’ पर जोर
राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा है। गौतम ने कहा कि पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के समान शिक्षा मानक विकसित करने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने ‘एक राष्ट्र-एक समान शिक्षा’ और ‘एक राष्ट्र-एक समान स्वास्थ्य सेवाएं’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को व्यक्ति विशेष, धर्म और समुदाय के प्रभाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। पार्टी ने रोजगार सृजन और बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
पार्टी ने किन्नर समाज को पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी देने तथा अभिभावक और संरक्षक जैसे अधिकारों के साथ सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही है। इसके अलावा सभी नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए समानतामूलक आवासीय मानक विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
‘भारतीय नागरिक समतामूलक प्रतिनिधित्व महागठबंधन’ बनाने का प्रस्ताव
गौतम ने राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के नेतृत्व में एक व्यापक राजनीतिक गठबंधन बनाने की भी घोषणा की। इसका नाम ‘भारतीय नागरिक समतामूलक प्रतिनिधित्व महागठबंधन’ प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस गठबंधन में शामिल होने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, विशेषकर स्थायी चुनाव चिह्न वाले दलों को लोकसभा की 70 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवार उतारने का अवसर दिया जाएगा, जबकि अन्य सहयोगी दलों को 30 प्रतिशत सीटों पर समतामूलक आधार पर उम्मीदवार उतारने का अवसर देने का प्रस्ताव है।
पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी की राजनीति का केंद्र देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार, सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराना होगा। हालांकि, पार्टी की ओर से घोषित इन प्रस्तावों को अभी राजनीतिक घोषणाओं और चुनावी एजेंडे के रूप में ही देखा जाना है।