09 Aug 2026
- दिल्ली मेट्रो ने मध्य प्रदेश सरकार का विद्युत आपूर्ति के लिये जताया आभार
भोपाल, 09 अगस्त (एजेंसी)। विगत दिनों दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश को सराहना मिली है। दिल्ली मेट्रो के महानिदेशक प्रमित गर्ग ने दिल्ली मेट्रो को बगैर किसी निवेश के मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर विद्युत आपूर्ति के लिये आभार जताया। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
यह जानकारी रविवार को प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विगत दिनों दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन स्थल तक एयारपोर्ट से मेट्रो रेल से यात्रा की थी। इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि हमारे लिये गर्व की बात है कि दिल्ली की मेट्रो रेल वर्ष 2018 से प्रदेश के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विद्युत से संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो संचालन के लिये मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2044 तक निरंतर विद्युत आपूर्ति की जाएगी। वे नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढावा देने के लिये किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों पर जब प्रेजेंटेशन दे रहे थे, उस समय बैकग्राउण्ड में स्क्रीन पर दिल्ली मेट्रो में सफर संबंधित चित्र प्रदर्शित हो रहे थे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश के कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में कहा कि मध्य प्रदेश वर्ष 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। राज्य नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मप्र आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी तथा भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग तथा श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणाथिलका, मप्र के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित देश-विदेश के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 750 मेगावाट रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित विद्युत से भी कम स्थापित किया। इस परियोजना को वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेन्ट्स अवार्ड फॉर एक्सीलेंस प्राप्त हुआ और इसकी केस स्टडी हावर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है।
मंत्री शुक्ला ने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन राज्य में नवकरणीय ऊर्जा नीति निर्माण, निवेश प्रोत्साहन, परियोजना विकास तथा ऊर्जा संक्रमण से संबंधित कार्यक्रमों के समन्वय के लिए प्रमुख विभाग है। विभाग प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) का संयुक्त उपक्रम है। रूम्सल राज्य में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा, फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड नवकरणीय ऊर्जा तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास एवं क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। रूम्सल द्वारा विकसित नवाचार आधारित परियोजनाएँ मध्य प्रदेश को देश में ऊर्जा भंडारण एवं चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं।