10 Aug 2026
सना (यमन), 10 अगस्त (एजेंसी)। हूती (अंसार अल्लाह) ने लाल सागर में तनाव के बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले ऐतिहासिक बंदरगाह अल-मखा पर हमला किया है। हूती विद्रोहियों ने रविवार को बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक से लदे ड्रोन का इस्तेमाल करके बंदरगाह परिसर को निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद धमाकों की आवाज सुनी गई और बंदरगाह इलाके में भीषण आग लग गई। यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि हमले में सात लोग मारे गए और 15 घायल हो गए।
अरब न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने मुख्य रूप से बंदरगाह पर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया। हमले के बाद आसमान में काले धुएं के गुबार और ऊंची लपटें उठती देखी गईं। महत्वपूर्ण यह है कि हूती यमन का चरमपंथी, राजनीतिक और सैन्य संगठन है। यह मुख्य रूप से यमन के उत्तरी हिस्से के जैदी शिया मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करता है। इसे ईरान का सीधा समर्थन प्राप्त है। अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हूती को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।
यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, हमलों में चार सैनिक और तीन आम लोग मारे गए। इस दौरान यमन सरकार की वायु रक्षा प्रणाली ने हूती के 11 ड्रोन मार गिराए। बंदरगाह के निदेशक अब्दुल मलिक अल-शराबी ने हूती के हमलों की पुष्टि की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हूती की मिसाइलें एक स्थानीय टेलीविजन केंद्र के मुख्यालय और एक सरकारी इमारत के पास भी गिरीं।
इस बंदरगाह की देखरेख करने वाले यमन के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि हमले के बाद मंत्री मोहसेन अली हैदराह की अध्यक्षता में एक आपात वर्चुअली बैठक हुई। बैठक में हमले की निंदा की गई। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने हमलों की जिम्मेदारी ली है। यमन में हिंसा का नया दौर गुरुवार को शुरू हुआ है। हूती ने मारिब और हद्रमौत में यमनी सेना के कई ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद यमन की सेना ने भी हूती के सैन्य ठिकानों पर बमबारी की।