10 Aug 2026
नई दिल्ली, 10 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। निर्यातकों के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अग्रिम प्राधिकरण और निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु (ईपीसीजी) योजनाओं के अंतर्गत निर्यात दायित्व मुक्ति प्रमाणपत्र (ईओडीसी) के लिए आवेदन करते समय भौतिक शुल्क भुगतान के लिए चालान जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि डीजीएफटी एक अगस्त 2026 से स्वैच्छिक सीमा शुल्क भुगतान के लिए भौतिक चालान जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दिया है। सीमा शुल्क या आईसगेट से प्राप्त लाइसेंस-वार स्वैच्छिक शुल्क भुगतान डेटा को डीजीएफटी की ऑनलाइन प्रणालियों के साथ जोड़ दिया गया है। इससे संबंधित प्राधिकरण के विरुद्ध ऐसे भुगतानों का प्रमाणीकरण सत्यापन संभव हो गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि एक अगस्त 2026 या उसके बाद किए गए स्वैच्छिक शुल्क भुगतानों के लिए, निर्यातकों को प्राधिकरणों को बंद करने के आवेदनों के साथ भौतिक चालान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रालय के मुताबिक प्रमाणित भुगतान विवरण निर्यातकों को डीजीएफटी ग्राहक पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे आवेदन दाखिल करने से पहले ये सत्यापित कर सकेंगे कि भुगतान संबंधित प्राधिकरण से सही ढंग से जुड़ा हुआ है।