11 Aug 2026
कोलकाता, 11 अगस्त (एजेंसी)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा मंगलवार को 31 अगस्त तक बढ़ा दी। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर अंतिम आदेश पारित करने के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम सुरक्षा 31 अगस्त तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगी। ये तीन एफआईआर भवानीपुर थाने में 27 मई और कालितला तथा विष्णुपुर थाने में 16 जून को दर्ज की गई थीं।
अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सांसद जांच में सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने अक्टूबर 2025 में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ दर्ज 13 एफआईआर को हाई कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने का भी हवाला दिया।
राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एसवी राजू ने एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा जारी रखने की मांग का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि अगर किसी एफआईआर में संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो प्रारंभिक स्तर पर उसे रद्द नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच अभी शुरुआती चरण में है।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता अभिजीत दास की ओर से अधिवक्ता जयंत नारायण चटर्जी ने अभिषेक बनर्जी को ‘बेहद प्रभावशाली’ बताते हुए अंतरिम सुरक्षा का विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि यदि बनर्जी को हिरासत में नहीं लिया गया तो गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने अपने मुवक्किल के लिए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की।
इस पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार बदलने के बाद पश्चिम बंगाल की स्थिति बदल गई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अभिषेक बनर्जी अभी भी इतने प्रभावशाली हैं, तो आमतला स्थित उनके सांसद कार्यालय को गिराने की कार्रवाई कैसे शुरू हुई।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि हाई कोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई कर उस तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि यह घटनाक्रम शिकायतकर्ता की इस दलील का समर्थन नहीं करता कि बनर्जी का इतना प्रभाव है कि जांच प्रभावित हो सकती है।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से महाधिवक्ता सुरोजित नाथ मित्र ने कहा कि डायमंड हार्बर रोड स्थित वह इमारत, जहां अभिषेक बनर्जी का सांसद कार्यालय था, उसके लिए स्वीकृत नक्शा नहीं था और संपत्ति का स्वामित्व भी तृणमूल सांसद के नाम पर नहीं है।
अदालत ने 6 अगस्त की सुनवाई में राज्य की ओर से दी गई उस जानकारी को भी ध्यान में रखा, जिसमें बताया गया था कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य के अलग-अलग थानों में विभिन्न आरोपों से संबंधित कुल 16 एफआईआर लंबित हैं।
इससे पहले 30 जुलाई को न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तीन एफआईआर के मामलों में अभिषेक बनर्जी को 17 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी। मंगलवार को इसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया।