12 Aug 2026
नई दिल्ली, 12 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने देश भर में अवैध निर्माणों को नियमित और पुनर्वासित करने की नीति बनाए जाने की मांग पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अलग-अलग राज्यों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, ऐसे में एक समान नीति का आदेश कैसे दिया जा सकता है। हालांकि, न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर विचार करें, ताकि उन्हें अपनी नीति बनाने में मदद मिल सके।
याचिका सेंटर फॉर लॉ एंड गुड गवर्नेंस नामक संगठन ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और दिल्ली में अवैध निर्माणों को नियमित और पुनर्वासित करने पर नीति बनाई गई है, लेकिन ऐसा देखने में आया है कि प्रशासन बिना किसी नोटिस या पुनर्वास योजना के ध्वस्त करने पहुंच जाती है। याचिका में कहा गया था कि निर्माणों को ध्वस्त करने का फैसला बिना किसी पुनर्वास योजना के नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।