13 Aug 2026
नई दिल्ली, 13 अगस्त (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में बढ़ते मुकदमों के बोझ पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार को लंबित मामलें कम करने के लिए क्षेत्रीय और सर्किट बेंच स्थापित करने का सुझाव दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि उपभोक्ता फोरम को सेवानिवृत न्यायिक अधिकारियों के लिए पुनर्वास केंद्र नहीं बनना चाहिए।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने एक खबर का जिक्र किया, जिसमें 2019 में दायर शिकायत की लिस्टिंग 2021 में की गई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर इस गति से काम होगा, तो लंबित मामलों की संख्या बढ़ेगी ही बढ़ेगी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राज्य और जिला उपभोक्ता फोरम के प्रदर्शन का आडिट कराया जाना चाहिए। कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष से विभिन्न बेंचों के समक्ष लंबित मामलों संबंधी रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष मामलों के निपटारे की टाइमलाइन तय होनी चाहिए। सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जिला उपभोक्ता फोरम में गुणवत्ता की जबरदस्त कमी है। जिला उपभोक्ता फोरम ये नहीं समझते कि शिकायत की प्रकृति क्या है और उनका गुण-दोष के आधार पर निपटारा कैसे होगा।