14 Aug 2026
नई दिल्ली, 14 अगस्त (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को राहत दी है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने पर रोक लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी, मुकुल रोहतगी और वृंदा भंडारी ने कहा कि अगर सरकार मौत के बाद अनुच्छेद 162 के तहत अनुकंपा के आधार पर कुछ देना चाहती है तो उच्च न्यायालय कैसे दखल दे सकता है।
सुनवाई के दौरान एक राजनीतिक दल की ओर से पेश वकील वेलन ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी राज्य सरकार की मर्जी से नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जो पार्टी भगदड़ के लिए जिम्मेदार थी, वही आज राज्य में सत्ता में है। ये हितों के टकराव का मामला है। तब कोर्ट ने पूछा वह किसकी ओर से पेश हो रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल की ओर से। तब जस्टिस पारदीवाला ने पूछा कि यहां राजनीतिक दल की क्या भूमिका है। अगर एक हादसे के पीड़ितों को सरकार रोजगार दे रही है तो इसमें क्या दिक्कत हो सकती है।