14 Aug 2026
नई दिल्ली, 14 अगस्त (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने अपने कॉमेडी शो में दिव्यांगों और गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर की गई टिप्पणियों के मामले में समय रैना समेत पांच कॉमेडियन को राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने समय रैना और बाकी आरोपितों की ओर से दिव्यांगों की सहायता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कोर्ट ने कहा कि समय रैना और दूसरे आरोपितों ने दिव्यांग लोगों के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाने और फंड इकट्ठा करने की कोशिशें कीं। कोर्ट ने आदेश में कहा कि जब सच्ची कोशिशें होती हैं तो अच्छे नतीजे जरुर मिलते हैं। वे बहुत होनहार युवा हैं और अगर उन्होंने सही दिशा में काम करना शुरु किया है तो नतीजा भी अच्छा ही होगा।
कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले में आगे भी सुनवाई करेगी, ताकि दिव्यांग लोगों से सुझाव लिए जा सकें कि ऐसे कंटेंट पर बेहतर निगरानी कैसे रखी जाए और उसी के मुताबिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कोर्ट ने समय सैना के अलावा जिन कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने का आदेश दिया, उनमें विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर शामिल हैं।
इसके पहले कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर सभी आरोपितों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
कोर्ट ने इन कॉमेडियन से कहा था कि वो महीने में दो बार ऐसे एपिसोड दिखाएं जिनमें दिव्यांग मेहमान या पैनलिस्ट बनकर आएं। ऐसे एपिसोड में दिव्यांगों की कहानियां दिखाएं, जिनमें उनकी मुश्किलें, चुनौतियों और उपलब्धियों को शामिल किया जाए, ताकि जागरुकता बढ़े और समाज में दिव्यांगों की सकारात्मक छवि बन सके।
याचिका क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने दायर की थी। याचिका में समय रैना द्वारा दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया था कि दिव्यांगों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले ऑनलाइन शो के कंटेंट के रेगुलेशन का दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए।