14 Aug 2026
कोलकाता, 14 अगस्त (एजेंसी)। कन्या रत्न दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार ने लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए ‘कन्या रत्न’ मिशन शुरू करने की घोषणा की है। राज्य सरकार की इस पहल के तहत ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को राज्य में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, लड़कियों की शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकना तथा मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पहल लड़कियों और महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों में उनके सशक्तीकरण पर केंद्रित है। इसके जरिए समाज में बालिकाओं के प्रति सोच और व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए जागरूकता, प्रोत्साहन, भागीदारी और विभिन्न हितधारकों को जोड़ने पर जोर दिया गया है। कार्यक्रम में कोलकाता, हावड़ा तथा उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के स्कूलों और कॉलेजों से करीब 1600 छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कन्या रत्न पहल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 10.77 लाख लड़कियों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई है। इनमें 9.48 लाख लड़कियों के बैंक खातों में 1000 रुपये और 1.29 लाख लड़कियों के खातों में 25 हजार रुपये सीधे भेजे गए। सरकार के अनुसार, इस मद में कुल करीब 418 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।
महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं और आपात सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 को भी आज से शुरू किया गया है। इस नंबर के माध्यम से महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने के साथ कानूनी सहायता और पुलिस, अग्निशमन तथा एंबुलेंस जैसी आपात सेवाओं से संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा, एकल केंद्रों से भी सहायता प्राप्त की जा सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान ‘पालना’ नाम से नई शिशु देखभाल पहल की भी घोषणा की गई। इसके तहत कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए सुरक्षित दिन के समय देखभाल, पोषण और शुरुआती बौद्धिक विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह व्यवस्था मुख्य रूप से आंगनबाड़ी-सह-शिशु देखभाल केंद्रों के माध्यम से संचालित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कामकाजी माताओं को राहत मिलेगी और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की ओर से लड़कियों की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए ‘कन्याश्री’ योजना चलाई जाती रही है। कन्याश्री योजना के तहत राज्य की छात्राओं को शिक्षा जारी रखने और बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता दी जाती थी।