16 Aug 2026
महोबा, 16 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के महोबा में मूसलाधार बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने रेलवे तैयारियों की पोल खोल दी। जनपद मुख्यालय के पुराने रेलवे अंडर ब्रिज में इस कदर जलभराव हुआ कि पूरा ब्रिज जलमग्न हो गया। अंडर ब्रिज से गुजर रही रोडवेज बस बीच में बंद हो गई, जिससे यात्रियों की जान पर आफत आ गई। यात्रियों ने एक दूसरे की मदद कर सभी को बाहर निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद बुलडोजर से बस बाहर निकाली गई। घटना ने रेलवे के करोड़ों के निर्माण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार की शाम हुई तेज बारिश के बाद महोबा शहर के बजरिया को जनपद मुख्यालय से जोड़ने वाला रेलवे का पुराना अंडर ब्रिज पूरी तरह जलमग्न हो गया। पूरा ब्रिज तालाब में तब्दील हो गया। रात में जिले के महोबा डिपो की रोडवेज बस मुस्करा से सवारियां लेकर मुख्यालय आ रही थी। चालक ने जलभराव के बीच बस निकालने की कोशिश की तो बस के बीच में पहुंचते ही इंजन में पानी भरने से बंद हो गई और बस में पानी भरना शुरू हो गया। बस में पानी भरने से यात्रियों में चीख पुकार मच गई। स्थिति बिगड़ते देख स्थानीय लोगों और यात्रियों ने बहादुरी दिखाते हुए एक दूसरे की मदद कर रेस्क्यू किया। कई महिला यात्रियों को गोद में उठाकर पानी से बाहर निकाला। जिसके बाद उनके जान में जान आई।
रविवार को झांसी रेल मंडल के जन संपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महोबा यार्ड स्थित पुराने RUB-429 में शनिवार की शाम अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव हो गया। सुरक्षा के दृष्टिगत पुराने अंडर ब्रिज को सड़क यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। जल निकासी हेतु 10 HP एवं 42 HP के पंप लगातार संचालित कर जल निकासी की व्यवस्था की गई।जलभराव के दौरान इंजन खराब होने के कारण रोडवेज की एक बस अंडर ब्रिज में फंस गई थी, जिसमें सवार सभी यात्रियों को तत्काल ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। देर रात जलनिकासी के बाद यातायात बहाल हो सका है।
रोडवेज की बस लगभग एक घंटे तक अंडर ब्रिज में फंसी रहीं। सूचना पर पहुंची रेलवे प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से बस को बाहर निकलवाया। इस घटना ने रेलवे की तैयारियों और करोड़ों के निर्माण कार्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हर बार बारिश में ऐसे अंडर ब्रिज के पानी में डूबने से आवागमन ठप हो जाता है, बावजूद इसके आज तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। ये समस्या किसी एक ब्रिज की नहीं बल्कि ज्यादातर सभी अंडर ब्रिज में बारिश के मौसम में ऐसे ही हालात नजर आते हैं।