17 Aug 2026
रांची, 17 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। बोकारो की 18 वर्षीय युवती के लापता होने के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले से जुड़े कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें आईजी, डीआईजी और बोकारो के एसपी शामिल हैं, का तबादला कर दिया गया है।
इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि तबादला एक नियमित विभागीय प्रक्रिया है और इसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं माना जा सकता। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 10 दिन का समय देते हुए निर्देश दिया कि वह लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई वास्तविक कार्रवाई और विभागीय कार्रवाई की स्थिति के संबंध में जवाब दाखिल करे।
पिछली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से पूछा था कि मामले में नियंत्रणकारी प्राधिकारी (कंट्रोलिंग अथॉरिटी) के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने विशेष रूप से यह जानकारी मांगी थी कि मामले की जांच और युवती की तलाश में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं।
इससे पहले राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि संबंधित थाने के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें से चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चल रही है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मियों तक सीमित क्यों है और मामले के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों छोड़ा गया।
मौजूदा सुनवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले की जानकारी सामने आने पर अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल तबादले को कार्रवाई नहीं माना जा सकता। अदालत यह जानना चाहती है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ वास्तविक अनुशासनात्मक या विभागीय कार्रवाई क्या की गई है।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा।
मामले की पिछली सुनवाई में उच्च न्यायालय ने कोलकाता स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) से प्राप्त लापता युवती के माता-पिता के डीएनए सैंपल की जांच रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी थी। अदालत ने राज्य सरकार को संबंधित लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और उनके विरुद्ध चल रही विभागीय कार्रवाई की मौजूदा स्थिति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करने का निर्देश दिया था।
यह मामला युवती की मां रेखा देवी की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा है। 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है। उसके लापता होने के संबंध में बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147/2025 दर्ज किया गया था।
युवती के लंबे समय से लापता रहने और जांच में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर मामला झारखंड उच्च न्यायालय में पहुंचा है। अदालत की सख्ती के बाद अब राज्य सरकार को 10 दिन के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और विभागीय कार्यवाही की स्थिति से संबंधित विस्तृत जवाब देना होगा।