18 Aug 2026
-बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड समेत तीन मामलों में आएगा अहम फैसला
औरैया, 18 अगस्त (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में जिला सत्र न्यायालय में बुधवार 19 अगस्त को शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड समेत उससे जुड़े तीन मामलों में अहम फैसला सुनाया जाएगा। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत आरोपिताें के संबंध में निर्णय सुनाएगी। फैसले को लेकर न्यायालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा के मुताबिक 15 मार्च 2020 को शहर के मोहल्ला नारायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों की ओर से आशीष कुमार चौबे ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाइयों पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक व रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ला, सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह, चालक लवकुश सविता, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी और रविंद्र चौबे समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
वहीं, पुलिस की मौजूदगी में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में उपनिरीक्षक नीरज त्रिपाठी ने 19 लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में हत्याकांड के 11 आरोपिताें के अलावा सच्चिदानंद तिवारी, हरगोविंद उर्फ गुड्डू, रामचंद्र मिश्र भइयन, आलोक चतुर्वेदी, राजेंद्र बाजपेई, शुभम द्विवेदी, सतेंद्र मिश्र उर्फ डब्बू और रवि चतुर्वेदी को भी आरोपित बनाया गया था। इनमें रवि चतुर्वेदी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि आरोपित लवकुश सविता से संबंधित मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
इसके अलावा हत्याकांड से संबंधित नौ आरोपिताें के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा भी चला। तीनों मामलों की सुनवाई एक साथ विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता हृदय नारायण पांडेय और अंकुर अवस्थी ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से 32 गवाह न्यायालय में पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने सफाई साक्ष्य के रूप में 39 गवाह प्रस्तुत किए। करीब छह साल से विभिन्न जेलों में निरुद्ध पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत नौ सहआरोपियों को फैसला सुनाए जाने के लिए जेल से न्यायालय में तलब किया गया है। वहीं, प्राणघातक हमले के मुकदमे से जुड़े आरोपित भी न्यायालय में मौजूद रहेंगे।
छह वर्ष से चल रहे इस बहुचर्चित मामले में बुधवार को आने वाले फैसले पर जिलेभर की निगाहें टिकी हुई हैं।