20 Aug 2026
-अदालत ने राज्य सरकार और जेपीएससी से मांगा जवाब, अगले आदेश तक नियुक्ति रद्द करने का फैसला प्रभावी नहीं होगा
रांची, 20 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। झारखंड सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर नियुक्त कर्मियों को हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं पर गुरुवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अधिवक्ता पीएएस पति ने पक्ष रखा।
दो अलग-अलग याचिकाओं में दीपमाला एवं अन्य तथा सोनम कुमारी ने सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन संख्या 1/2024 को रद्द करने का आदेश दिया गया है। वहीं, एक अन्य याचिका में सौरव सिंह एवं अन्य ने जेपीएससी की ओर से आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा (विज्ञापन संख्या 18/2023) के आधार पर की गई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के आदेश को चुनौती दी है।
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने दूसरी जगह की नौकरी छोड़कर जेपीएससी के माध्यम से मिली नियुक्ति पर यहां योगदान किया था। उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया। इसी बीच राज्य सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर नियुक्ति रद्द करने का आदेश दे दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत से सरकार के इस आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें टीडीपीएल शामिल रहा था। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को देखते हुए जांच कराने की भी घोषणा की गई थी।
इन घोषणाओं के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने परीक्षाएं रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और विभिन्न परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने से संबंधित अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित तथा 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।
उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के बाद अब जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले पर आगे की न्यायिक सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।