21 Aug 2026
नई दिल्ली, 21 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। साकेत अदालत दिल्ली ने अंतरिम आदेश में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह को भरण पोषण के लिए तीस हजार रुपये हर महीने देने और सभी मेडिकल खर्च का भुगतान करने का आदेश दिया। महिला कोर्ट की जज छाया त्यागी ने यह आदेश पारित किया।
भानवी कुमारी सिंह ने राजा भैया से भरण पोषण की मांग के लिए साकेत अदालत में याचिका दायर की थी। भानवी ने याचिका में कहा था कि वो अपने ससुराल के साझे मकान में नहीं रह रही है और अपने पति से अलग ग्रीन पार्क में रहती हैं। ग्रीन पार्क के मकान की मालकिन वो खुद हैं। याचिका में कहा गया है कि राजा भैया ने उन्हें भरण पोषण के लिए अब तक कुछ भी नहीं दिया है।
याचिका में कहा गया कि भानवी कुमारी सिंह की कई तरह की बीमारियों से जूझ रही हैं। राजा भैया के शारीरिक यातना देने की वजह से उनके फेफड़ों में समस्या आ गई है। लीवर में गांठ और मोतियाबिंद की भी शिकायत है। उनकी हर महीने करीब छह हजार रुपये की आमदनी है लेकिन वो इतनी रकम से अपना इलाज भी नहीं करा सकती हैं।
साकेत अदालत ने राजा भैया को निर्देश दिया कि वो यह रकम भानवी कुमारी सिंह के खाते में हर महीने की 10 तारीख तक जमा करा दें। इसके अलावा भानवी सिंह के इलाज का पूरा खर्च उठाएं।
उल्लेखनीय है कि रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया उत्तर प्रदेश की राजनीति के बेहद रसूखदार और चर्चित नेता हैं। वह प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक हैं। अपनी पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष हैं। वह भदरी रियासत के उत्तराधिकारी हैं। वह 1993 से लगातार सात बार कुंडा से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
राजा भैया का राजनीतिक रसूख ऐसा रहा है कि वे उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के दौरान राजा भैया पर बेहद कड़ा आतंकवाद निरोधी कानून पोटा लगाया गया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। 2013 में कुंडा में हुए तत्कालीन डीएसपी जिया-उल-हक हत्याकांड में राजा भैया का नाम उछला। उन्हें अखिलेश यादव सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।