21 Aug 2026
नई दिल्ली, 21 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राऊज एवेन्यू कोर्ट गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन सौदा से जुड़े मनीलांड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत 11 आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई 23 सितंबर को करेगा।
कोर्ट ने 15 अप्रैल को वाड्रा को बतौर आरोपित समन जारी करने का आदेश दिया था। समन जारी करने के आदेश को वाड्रा ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन उच्च न्यायालय ने समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने रॉबर्ड वाड्रा के अलावा सत्यानंद याजी, केवल सिंह विर्क, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाइट रियल अर्थ इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स आर्टेक्स, मेसर्स नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लंबोदर आर्ड एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसजीवाई प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को समन जारी करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने सभी आरोपितों के खिलाफ मनीलांड्रिंग कानून की धारा 3 और 4 के तहत आरोपों पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने 4 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि उसके खिलाफ मनीलांड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। रॉबर्ट वाड्रा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।
इस मामले की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन का सौदा हुआ था। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र साढ़े सात करोड़ रुपये में खरीदी थी। वाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे। यह जमीन ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से खरीदी गई थी। इस जमीन का मालिकाना हक सिर्फ 24 घंटे में ही वाड्रा की कंपनी के नाम पर हो गया। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साल 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। इससे कंपनी को बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ। इस मामले में साल 2018 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।