22 Aug 2026
पश्चिमी सिंहभूम, 22 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद नामित व्यक्ति के दावे को लंबित रखने के मामले में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दावा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की अदालत ने उपभोक्ता (वाद संख्या 10/2025) में शनिवार को फैसला सुनाया। मामले की अंतिम सुनवाई 30 जुलाई 2026 को हुई थी।
मामला चाईबासा के मेरी टोला, वार्ड संख्या दो निवासी राजेश मिंज से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार उनकी मामी धानिया तिर्की ने एसबीआई लाइफ की स्मार्ट मनी बैक गोल्ड बीमा पॉलिसी ली थी।
पॉलिसी संख्या (आईएन620373604) में राजेश मिंज को शत-प्रतिशत नामित व्यक्ति बनाया गया था। पॉलिसी की जोखिम अवधि 16 मई 2017 से शुरू हुई थी और बीमित राशि एक लाख 30 हजार रुपये थी। धानिया तिर्की की 26 जनवरी 2024 को मृत्यु हो गई। इसके बाद राजेश मिंज ने बीमा राशि के भुगतान के लिए दावा किया, लेकिन कंपनी ने दावे का निपटारा नहीं किया।
सुनवाई के दौरान कंपनी ने कहा कि उसे मृत्यु की विधिवत सूचना और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले थे। कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों का हवाला देते हुए दावा किया कि जरूरी जानकारी और कागजात उपलब्ध नहीं होने के कारण दावे का निर्धारण नहीं किया जा सका।
आयोग ने पाया कि मृत्यु प्रमाणपत्र, बीमा पॉलिसी समेत आवश्यक दस्तावेज पहले ही आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके थे और कंपनी को भी शिकायत के साथ दस्तावेज मिल चुके थे। ऐसे में केवल अलग से मृत्यु सूचना नहीं दिए जाने के आधार पर दावा लंबित रखना उचित नहीं है।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को लिखित रूप से बताया जाए कि कौन-कौन से अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी हैं। दस्तावेज मिलने के बाद 30 दिनों में जांच पूरी कर कारणयुक्त निर्णय देना होगा। दावा स्वीकार होने पर पॉलिसी के अनुसार देय राशि का भुगतान करना होगा।
इसके अलावा आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार और मुकदमा खर्च के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया है। भुगतान 45 दिनों में नहीं करने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।