22 Aug 2026
बिजनौर,22 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के चांदपुर स्थित नारनौर में गंगा नदी के उफान और बाढ़ से परेशान किसानों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। करीब 25 गांवों के प्रभावित किसान इस विरोध प्रदर्शन में शनिवार शामिल हुए। किसानों का कहना है कि इस वर्ष तीन बार गंगा का पानी गांवों और खेतों में घुसने से बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार बाढ़ के पानी से हजारों बीघा गन्ने और धान की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार बाढ़ आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक गंगा नदी पर बिजनौर की ओर तटबंध का निर्माण नहीं कराया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
किसानों ने भाजपा मंत्री दिनेश खटीक पर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि गंगा नदी के दोनों ओर तटबंध बनाया जाना था, लेकिन तटबंध केवल मेरठ जनपद की ओर बनवाया गया।किसानों का आरोप है कि इससे गंगा की धारा बिजनौर की ओर मुड़ गई और करीब 50 गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। किसानों ने इस व्यवस्था में बदलाव कर बिजनौर की ओर भी तटबंध निर्माण की मांग की है।
धरने पर बैठे किसान शिवकुमार निवासी ग्राम जमालुद्दीनपुर ने कहा कि वह बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के है। स्थिति बड़ी विकट है। मेरठ जिले में बंधा बनाकर गंगा का पानी हमारी ओर मोड़ दिया सारी फसलें चौपट हो गई है। खाने के भी लाले पड़ेंगे इस क्षेत्र में। जो हमने कर्ज लिए थे वह भी हम नहीं दे सकते। दो दिन पहले ही डीएम जसजीत कौर ने इस क्षेत्र का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने समस्याओं के निराकरण की बात भी कही थी।
प्रदर्शनकारी किसानों ने तटबंध निर्माण के साथ बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने प्रति बीघा 20 हजार रुपये की दर से मुआवजा दिए जाने की मांग रखी है।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक नारनौर में धरना जारी रहेगा। हम आमरण अनशन करेंगे। -----------