23 Aug 2026
जोधपुर, 23 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। खेत में बनी पानी की डिग्गी रविवार को तीन बच्चों के लिए काल बन गई। पानी पीने के दौरान पैर फिसलने से 8 वर्षीय प्रवीण डिग्गी में गिर गया। उसे डूबता देख उसकी चचेरी बहनें भी बचाने के लिए पानी में कूद गईं, लेकिन डिग्गी की गहराई अधिक होने के कारण तीनों ही डूब गए। हादसे में 12 वर्षीय सुमन, 16 वर्षीय रेखा और 8 वर्षीय प्रवीण की मौत हो गई। घटना बोरुंदा थाना क्षेत्र के चौकड़ी गांव में रविवार को हुई।
परिजनों के अनुसार सुमन (12) पुत्री भिया, रेखा (16) पुत्री नाथूराम और प्रवीण (8) पुत्र महेंद्र चचेरे भाई-बहन थे। रविवार को तीनों घर से खेत जाने के लिए निकले थे। करीब एक घंटे बाद भी जब वे वापस घर नहीं लौटे तो परिजन उनकी तलाश में खेत पहुंचे। वहां पानी की डिग्गी के पास बच्चों के नहीं मिलने पर परिजनों ने आसपास तलाश की तो डिग्गी में तीनों के शव दिखाई दिए। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया।
थाना अधिकारी सुजानाराम ने बताया कि जिस खेत में हादसा हुआ, वहां मूंग की फसल बोई गई है। खेत में बनी पानी की डिग्गी के पास पीने के पानी का पाइप लगा हुआ था। प्रवीण पानी पीने के लिए डिग्गी के पास गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह डिग्गी में जा गिरा। छोटे भाई को डूबता देख दोनों चचेरी बहनों ने उसे बचाने के लिए डिग्गी में छलांग लगा दी।
डिग्गी में गहराई अधिक होने के कारण तीनों ही पानी में डूब गए।
मृतक सुमन के पिता भिया (35) पुत्र भैराराम चौकीदार निवासी चौकड़ी खुर्द ने बोरुंदा थाने में रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सुमन, भाई नाथूराम की बेटी रेखा और छोटे भाई महेंद्र का बेटा प्रवीण शामलाती खेत में बनी डिग्गी के पास पानी पीने गए थे। घटना के समय खेत के आसपास कोई मौजूद नहीं था।
इसी वजह से समय पर बच्चों को मदद नहीं मिल सकी। बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तीनों को डिग्गी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को पीपाड़ जिला अस्पताल ले जाया गया। बोरुंदा थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर मामला दर्ज किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने बताया कि प्रवीण की मां का तीन दिन पहले ही आकस्मिक निधन हुआ था। परिवार अभी मां की मौत के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि अब प्रवीण सहित तीन बच्चों की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर है।