24 Aug 2026
नई दिल्ली/एलुरु (आंध्र प्रदेश), 24 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ (Non-GMO) उच्च गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वदेशी बीज प्रौद्योगिकी भारत को आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश सहित आठ राज्यों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों तथा गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े साझेदारों को सम्मानित भी किया।
अपने संबोधन में राधाकृष्णन ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और सभ्यता की रीढ़ हैं तथा कृषि ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत आधार दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्वदेशी बीज विकास को समय की आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्का के लिए आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह स्वदेशी हाइब्रिड बीज न केवल इस निर्भरता को कम करेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत के साथ भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक होगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए गॉरमेट पॉपकॉर्निका और इससे जुड़े किसानों को बधाई दी।
उपराष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा नमो ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कृषि एवं ग्रामीण विकास संबंधी पहलों, जिनमें रायथु बाजार, बागवानी, प्राकृतिक खेती और किसान सहायता प्रणाली शामिल हैं, की भी सराहना की।
राधाकृष्णन ने बताया कि गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े नेटवर्क में आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान शामिल हैं, जो लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कंपनी के संस्थापक एसबीपी पट्टाभि रामाराव की उस यात्रा की प्रशंसा की, जिसमें एक स्थानीय उद्यम आज पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण के प्रमुख उद्योग के रूप में विकसित हुआ है और हजारों किसान परिवारों को बेहतर बाजार तथा आय के अवसर उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के नवाचार और उद्यमियों की भागीदारी से ही विकसित भारत और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था का निर्माण संभव है। मुसुनुरु की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि नवाचार, उद्यमशीलता और किसान साझेदारी के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि क्षेत्र का निर्माण कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने गॉरमेट पॉपकॉर्निका की फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरेज का भी दौरा किया तथा मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, राज्य के मंत्री नारा लोकेश, किंजरापु अचन्नाइडु, कोलुसु पार्थसारथी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, किसान और गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।