25 Aug 2026
नई दिल्ली, 25 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण उपायों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को स्वच्छता निरीक्षकों, सहायक स्वच्छता निरीक्षकों, स्वच्छता कर्मचारियों तथा क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसे आत्मसंतुष्टि का आधार नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित रोग चक्रीय रूप से फैलते हैं और डेंगू तथा मलेरिया जैसी बीमारियां अचानक दोबारा गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए सतर्कता और निरंतर निगरानी बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश के बदलते स्वरूप और बीच-बीच में होने वाले जलभराव से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। साथ ही तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण डेंगू, मलेरिया और एच1एन1 इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों के प्रसार का खतरा भी बढ़ सकता है।
एनडीएमसी अध्यक्ष ने स्वच्छता कर्मचारियों को इस अभियान का अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि अनुशासन, तकनीकी दक्षता और समर्पण के साथ कार्य करने पर इन बीमारियों की प्रभावी रोकथाम संभव है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को सभी आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोकथाम के उपायों में किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई जाएगी और लक्ष्य एनडीएमसी क्षेत्र में इन बीमारियों के शून्य मामले सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय कार्यों में लगे पालिका सहायकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और फ्लोरोसेंट जैकेट भी वितरित किए गए, ताकि फील्ड ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा और दृश्यता सुनिश्चित की जा सके।
एनडीएमसी की चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर तैयारियों को मजबूत करना, निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाना तथा आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की समय रहते पहचान कर उनका उन्मूलन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी पिछले दो वर्षों से मलेरिया मुक्त है और अब इस स्थिति को स्थायी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र में वेक्टर जनित रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. शर्मा ने कर्मचारियों को संवेदनशील क्षेत्रों के नियमित निरीक्षण, जलभराव रोकने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। उन्होंने संभावित प्रजनन स्थलों की समय पर पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा की और निगरानी, समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और बेहतर बनाने के सुझाव साझा किए।
एनडीएमसी अधिकारियों ने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों की सतर्कता, निरंतर निगरानी और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। परिषद की ओर से एंटी-लार्वा अभियान, मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का उन्मूलन, संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता अभियान और व्यापक क्षेत्रीय निगरानी लगातार जारी है, ताकि एनडीएमसी क्षेत्र के निवासियों और आगंतुकों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।