25 Aug 2026
सूरत, 25 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। गुजरात के सूरत में मुंबई से अहमदाबाद जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22961) पर मंगलवार शाम अज्ञात तत्वों द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की संवेदनशीलता इसलिए और बढ़ गई क्योंकि इस प्रीमियम ट्रेन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल भी सफर कर रही थीं। हालांकि, वह ट्रेन के एग्जीक्यूटिव कोच में सवार थीं, जिसके कारण वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस पूरी घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है।
शाम के समय हुई घटना, दो कोच प्रभावित
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और पश्चिम रेलवे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह घटना शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच हुई। सूरत रेलवे स्टेशन से रवाना होने के बाद जब ट्रेन उत्राण और कोसाड स्टेशनों के बीच से गुजर रही थी, तभी अचानक रेलवे ट्रैक के किनारे से पत्थर फेंके गए। इस पथराव के कारण ट्रेन के सामान्य चेयर कार कोच C-6 और C-10 की खिड़कियों के शीशे क्रैक हो गए। अचानक हुए इस हमले से कोच के भीतर बैठे यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई थी।
सुरक्षा बल मुस्तैद, नशे की हालत में एक संदिग्ध गिरफ्तार
हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस (RPF) और स्थानीय गुजरात पुलिस तुरंत हरकत में आई। घटनास्थल के पास सर्च ऑपरेशन चलाकर सुरक्षा बलों ने करीब 30 वर्षीय एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी अत्यधिक नशे की हालत में है या मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है। जीआरपी (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल की टीमें उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि हमले के पीछे की मुख्य वजहों का पता लगाया जा सके।
रेलवे अधिनियम (Railways Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई
इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ ने अज्ञात और संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 (जानबूझकर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालना) के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
पूरे रूट पर हाई अलर्ट और सुरक्षा सख्त
घटना के तुरंत बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को आगे के गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया था, जिससे इस रूट पर अन्य ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। एहतियात के तौर पर सूरत-अहमदाबाद रेल खंड के आसपास आरपीएफ जवानों की गश्त और ट्रैक मॉनिटरिंग को काफी कड़ा कर दिया गया है। इसके अलावा, घटनास्थल के आसपास के अन्य सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।