27 Aug 2026
नवादा, 27 अगस्त (एजेंसी)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति नहीं दिए जाने और सवर्ण आंदोलनकारियों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में गुरुवार को नवादा में सवर्ण महासंघ के बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल सैकड़ों युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले फूंके।
आक्रोश मार्च की शुरुआत शहर स्थित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह स्मारक हॉल के समीप से हुई। बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के छात्र और युवा इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने पहुंचे सवर्ण समाज के लोगों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही पुलिस प्रशासन पर आंदोलनकारियों के साथ मारपीट करने और उन्हें हिरासत में लेकर दिल्ली से बाहर भेजने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समाज के साथ कथित भेदभाव समाप्त करने, उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करने तथा सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल करने की मांग की। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
आंदोलनकारियों ने यूजीसी बिल को वापस लेने और सवर्ण समाज के हितों की रक्षा करने की भी मांग उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले दहन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आगामी चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने का संकल्प लिया।
अखिल भारतीय सामान्य जाति संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस आक्रोश मार्च में भाजपा नेता राजेश कुमार श्री, दिनेश अकेला, मनीष सिन्हा, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि सवर्ण समाज के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन को आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा और समाज के अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सरकार विरोधी नारों के बीच संपन्न हुआ।