27 Aug 2026
नई दिल्ली, 27 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 166 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राजधानी में H1N1 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,612 हो गई है, जबकि इन्फ्लूएंजा-ए के कुल मामले लगभग 3,300 तक पहुंच गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में बनाए गए विशेष H1N1 आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों के इलाज, बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों, फ्लूइड, जांच सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही लोगों को H1N1 के लक्षणों, बचाव और सावधानियों के प्रति जागरूक करने के लिए तैयार किए गए आईईसी (IEC) सामग्री की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्लीवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हैं तथा सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इंदिरा गांधी अस्पताल में H1N1 मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड के अलावा स्वाइन फ्लू स्पेशल क्लिनिक भी बनाया गया है। यहां संदिग्ध मरीजों की प्रारंभिक जांच की जाएगी और संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हें विशेष वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार संभावित स्थिति को देखते हुए पहले से ही अतिरिक्त इंतजाम कर रही है। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पतालों में बेड क्षमता और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सभी अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और मेडिकल डायरेक्टर को तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और मौसमी बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में दवाइयों, जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, जरूरत पड़ने पर सैनिटाइज़र का उपयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।