30 Aug 2026
चित्रकूट, 30 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। धर्मनगरी चित्रकूट में शनिवार को मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रामघाट से लेकर हनुमानधारा तक कई इलाकों में तबाही का मंजर दिखाई दिया। सदी की सबसे भीषण बाढ़ बताई जा रही इस आपदा से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात का जायजा लेने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को स्वयं चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद वे नगर परिषद की ओर से टीआईसी बिल्डिंग में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर और आश्रय स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सूखा राशन, भोजन और आवश्यक राहत सामग्री वितरित की।
अधिकारियों से ली हालात की जानकारी
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और राहत-बचाव दलों से बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के साथ भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
मंदाकिनी के उफान में बहा हनुमानधारा का पुराना पुल
मंदाकिनी नदी में अचानक आए प्रचंड उफान और तेज बहाव के कारण हनुमानधारा पहुंच मार्ग पर बना ऐतिहासिक पुराना पुल भी टूटकर बह गया। बाढ़ का पानी कई रिहायशी इलाकों और बाजारों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि बारिश थमने के बाद अब मंदाकिनी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। इससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
कई घरों में घुसा पानी, सामान को नुकसान
अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे चित्रकूट के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बन गई। अनेक लोगों के घरों में पानी घुस गया और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के मुताबिक अब तक बाढ़ के कारण किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
नुकसान का आकलन जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है और प्रशासन की ओर से इसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं। साथ ही राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।