30 Aug 2026
कानपुर, 30 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कानपुर सुपरस्टार्स ने समीर रिजवी की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर यूपी टी20 लीग 2026 के 25वें मुकाबले में नोएडा किंग्स को आठ विकेट से हरा दिया। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में शनिवार को खेले गए मुकाबले में रिजवी ने महज 39 गेंदों पर नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कानपुर को शानदार जीत दिलाई। इस जीत के साथ कानपुर की प्लेऑफ की उम्मीदें भी मजबूत बनी हुई हैं, जबकि नोएडा किंग्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।
प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए रिजवी ने अपनी पारी में 11 चौके और पांच छक्के लगाए। उनके साथ अभिषेक पांडे ने भी नाबाद 30 रन की पारी खेली। दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत कानपुर ने 129 रन के लक्ष्य को महज 10.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।
भारी बारिश के कारण मुकाबला देर से शुरू हुआ, जिसके बाद ग्रीन पार्क के ग्राउंड स्टाफ ने शानदार काम करते हुए मैच को 12-12 ओवर का कर दिया। नोएडा किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में तेज शुरुआत की। शोएब सिद्दीकी ने 10 गेंदों पर 20 और माधव कौशिक ने महज 11 गेंदों पर 31 रन बनाकर टीम को 2.2 ओवर में 45/0 तक पहुंचा दिया।
हालांकि, इसके बाद कानपुर के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। यशोवर्धन सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में महज 10 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और एक मेडन ओवर भी डाला। उनकी शानदार गेंदबाजी के कारण नोएडा किंग्स का स्कोर जल्द ही 69/5 हो गया।
इसके बाद कप्तान प्रशांत वीर ने मोर्चा संभाला और 27 गेंदों पर नाबाद 50 रन की शानदार पारी खेलकर नोएडा किंग्स को 12 ओवर में 128/6 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
129 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कानपुर की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दोनों सलामी बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए। इसके बाद इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे समीर रिजवी ने मोर्चा संभाला और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए नोएडा के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रिजवी ने अभिषेक पांडे के साथ मिलकर टीम को 8 दिन शेष रहते जीत दिला दी। रिजवी ने 39 गेंदों पर नाबाद 91 रन और अभिषेक पांडे ने 17 गेंदों पर नाबाद 30 रन की पारी खेली।
मैच के बाद रिजवी ने बताया कि टूर्नामेंट की शुरुआत में लगी उंगली की चोट के कारण वह शुरुआती एकादश में शामिल नहीं हो पा रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्ररक्षण के दौरान उंगली पर गेंद लगने से दर्द बढ़ जाता था और इसका असर बल्लेबाजी पर भी पड़ रहा था। ऐसे में टीम प्रबंधन के साथ चर्चा के बाद उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।
रिजवी ने कहा, “पहले मैच में कैच लेते समय मेरी उंगली में चोट लग गई थी। इसके बाद क्षेत्ररक्षण के दौरान काफी परेशानी हो रही थी। मैंने प्रबंधन से कहा कि मैं इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना चाहता हूं, क्योंकि क्षेत्ररक्षण के दौरान उंगली पर गेंद लगने से दर्द बढ़ जाता था और बल्लेबाजी में भी परेशानी होती थी।”
रिजवी ने पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि 12 ओवर के छोटे मुकाबले में पावरप्ले का अधिकतम फायदा उठाना बेहद जरूरी था। उनके मुताबिक, अगर शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बना लिए जाएं तो बाद में लक्ष्य को नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
रिजवी ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर कहा कि वह स्कोरबोर्ड के दबाव के बारे में नहीं सोच रहे थे। उनका लक्ष्य सिर्फ उसी अंदाज में बल्लेबाजी करना था, जिस तरह वह सामान्य तौर पर खेलते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ यही सोच रहा था कि अपना खेल खेलूंगा और उसी तरह अंत तक बल्लेबाजी करूंगा। मुझे पांच रन चाहिए हों या 50, मैंने पहले ही अपना माइंडसेट तय कर लिया था। मैं यह नहीं सोच रहा था कि दूसरे छोर पर कौन बल्लेबाजी कर रहा है या कोई मेरा साथ दे रहा है या नहीं। मुझे खुद पर भरोसा था कि मुझे ही रन बनाने हैं।”
रिजवी ने टीम के कार्यवाहक कप्तान आदर्श सिंह की कप्तानी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नोएडा की तेज शुरुआत के बावजूद आदर्श ने गेंदबाजी में अच्छे बदलाव किए और टीम को मुकाबले में वापस लाए। उनके मुताबिक, विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान था, लेकिन कप्तान ने परिस्थितियों को अच्छी तरह संभाला और नोएडा को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।