31 Aug 2026
कौशांबी/लखनऊ, 31 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रयागराज-कौशांबी सीमा के निकट मोहम्मदपुर गांव में स्थित फैक्टरी में हुए शक्तिशाली धमाके में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्टरी मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त होकर ढह गए। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के मद्देनजर राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत दल मौके पर पहुंचा।
जिलाधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, जबकि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश में जुटी रहीं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों तथा गंभीर रूप से घायल लोगों को प्रयागराज के उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया।
प्रशासन के अनुसार प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने की है। दुर्घटना स्थल से मनौरी एयरफोर्स की दूरी करीब दो किमी है। पुलिस, एयरफोर्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कम से कम 200 जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। आसपास के इलाके को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को राहत कार्य में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए हैं। शासन ने विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं तथा विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन फैक्टरी के लाइसेंस, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और संचालन संबंधी दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है। फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है ताकि विस्फोट के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके।
यह हादसा एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में पटाखा फैक्ट्रियों में हुए हादसों में अनेक लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटक पदार्थों के भंडारण, निर्माण प्रक्रिया और सुरक्षा प्रबंधन में थोड़ी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। मृतकों और घायलों की पहचान तथा घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने बताया कि चार दमकल गाड़ियां, एंबुलेंस और प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर भेजी गईं तथा राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने मृतकों की संख्या 11 होने की पुष्टि की है।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। फैक्टरी संचालक आदिल समेत छह नामजद आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किए जाने की भी सूचना है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों और घायलों के नाम मालूम नहीं हो सके हैं। (यह समाचार लगातार अपडेट किया जा रहा है)