31 Aug 2026
प्रयागराज, 31 अगस्त (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के पड़ोसी जिले कौशाम्बी के पिपरी थाना क्षेत्र में सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घायलों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय समेत प्रयागराज के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हादसे में मृतकों की संख्या 11 हो गई है। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और राहत कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घटना के कारणों की जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच में यह जानकारी मिली है कि वर्ष 2024 में इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ सम्पत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत के मुताबिक मामले में आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ पिपरी थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में जान गंवाने वालों में प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नन्हा (4) शामिल हैं। हादसे में घायल पांच लोगों का उपचार स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में चल रहा है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
कौशांबी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने हादसे को लेकर प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और भविष्य में इस तरह के हादसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
हादसे के बाद घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की जांच के साथ ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।