01 Sep 2026
नई दिल्ली, 01 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में सोमवार को फायरिंग करने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में राजेश उर्फ काना (30), रोहित उर्फ समोसा (23) और नितिन (20) हैं। राजेश इस मामले का कथित मास्टरमाइंड है और उसके खिलाफ दिल्ली व उत्तर प्रदेश में हत्या के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। हालांकि, फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार सत्संग कॉलोनी में रहने वाले शिकायतकर्ता देव उर्फ काके के भाई अर्जुन का इलाके में रहने वाली एक युवती को लेकर राजेश से विवाद चल रहा था। आरोप है कि राजेश ने देव को धमकी देते हुए कहा था कि उसका भाई जल्द ही समझ जाएगा कि इलाके में किसका दबदबा है। 31 अगस्त को राजेश के तीन साथी सत्संग कॉलोनी स्थित देव की झुग्गी पर पहुंचे और अर्जुन के बारे में पूछताछ की। देव ने अर्जुन के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा लौटे। आरोप है कि उन्होंने देव की झुग्गी को निशाना बनाकर दो राउंड फायरिंग की। इसके साथ ही झुग्गी पर ईंट तथा बोतलें भी फेंकीं और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद अशोक विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी जुटाई। राजेश के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे मामले का संदिग्ध मास्टरमाइंड माना गया। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि राजेश के खिलाफ पहले दर्ज हत्या के एक मामले की सुनवाई उसी दिन नोएडा की सेशन कोर्ट में होनी थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, टीम ने करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया और आखिरकार आरोपियों का सुराग बुराड़ी इलाके में मिला। तीनों एक होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस टीम ने करीब एक घंटे तक होटल और आसपास के इलाके पर नजर रखी। इसके बाद छापेमारी कर राजेश, रोहित और नितिन को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान पुलिस को रोहित के मोबाइल फोन से एक वीडियो भी मिला। पुलिस का दावा है कि वीडियो में रोहित फायरिंग की घटना को कबूल करने के साथ उसका बखान करता दिखाई दे रहा है। बताया गया कि रोहित ने यह वीडियो ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप के जरिए राजेश को भी भेजा था। यह डिजिटल सबूत दोनों आरोपियों के बीच कड़ी जोड़ने में अहम रहा।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राजेश ने कथित तौर पर बताया कि उसने अर्जुन और उसके परिवार को डराने के लिए फायरिंग की साजिश रची थी। इसके बाद अपने साथियों के जरिए वारदात को अंजाम दिलवाया। राजेश उर्फ काना के खिलाफ पहले से हत्या के तीन मामले दर्ज हैं। इनमें दिल्ली के अलीपुर और मुंडका थाने में दर्ज मामले और उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-39 थाने का हत्या का मामला शामिल है। वहीं रोहित के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास और आर्म एक्ट से जुड़ा मामला शामिल है। नितिन का अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस अब फरार आरोपी आशीष की भूमिका की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया था।