03 Sep 2026
नई दिल्ली, 03 सितंबर (एजेंसी)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी घोटाले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम के दो जमानतियों की शर्त पर जमानत आदेश दिया है। कोर्ट ने 25 अगस्त को जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील ने कहा कि जैन की गिरफ्तारी केस दर्ज होने के 27 महीने बाद की गई, उन्हें सिर्फ एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस पर एसीबी ने कहा था कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं। सत्येन्द्र जैन और दूसरे आरोपितों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सत्येन्द्र जैन की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने जैन की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया था। उन्होंने कहा था कि जैन को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई गई जो उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
एसीबी ने सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और मेसर्स सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों को एसीबी की उस एफआईआर के मामले में गिरफ्तार किया गया, जो 11 मई, 2024 को भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं 7, 7A, 9, 13 और भारतीय दंड संहिता की धाराओं 42, 409, 418, 120-बी के तहत दर्ज की गई थी।
एसीबी का आरोप है कि टेंडर की शर्तें एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थीं। सत्येंद्र जैन अक्टूबर, 2024 में तिहाड़ जेल से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल से बाहर आए थे। वे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 872 दिन जेल में रहे थे। ईडी ने उन्हें 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था। 18 अक्टूबर, 2024 को उन्हें ट्रायल कोर्ट ने जमानत दी थी।