03 Sep 2026
-धूमनगंज पुलिस ने खोला 23 दिन पुरानी हत्या का राज, .32 बोर की पिस्टल, कार और चार मोबाइल बरामद
प्रयागराज, 03 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित धूमनगंज थाना क्षेत्र के हरवारा स्थित अम्बर अपार्टमेंट से लापता हुए 27 वर्षीय युवक आलोक गुप्ता की हत्या का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। धूमनगंज पुलिस और सर्विलांस सेल नगर की संयुक्त टीम ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने युवक की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को नीले रंग के भारी बैग में भरकर मध्य प्रदेश के रीवा जिले में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और घटना में इस्तेमाल कार बरामद की है।
यह जानकारी गुरुवार को पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने दी। डीसीपी नगर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र के बिसानी उर्फ हरिसेनगंज गांव निवासी सुभम तिवारी, होलागढ़ थाना क्षेत्र के पटेलनगर चौराहा लाल का पुरा निवासी शुभम यादव, सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के कुमहीं गांव निवासी अंकुश यादव हालपता म्योराबाद है।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी गुमशुदगी
पुलिस के मुताबिक प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र के पाण्डेय का पुरवा निवासी अनुराग गुप्ता ने धूमनगंज पुलिस को सूचना दी थी कि उनका भाई आलोक गुप्ता हरवारा स्थित अम्बर अपार्टमेंट में किराये के कमरे में रहता था और अचानक लापता हो गया है। इस संबंध में आलोक की मां रेखा देवी ने 22 अगस्त को धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में सेल्फी प्वाइंट के पास नीले रंग के बैग में अज्ञात शव मिलने की खबर सामने आई। अनुराग गुप्ता ने रीवा पहुंचकर शव के फोटो, कपड़े और बैग देखकर उसकी पहचान अपने भाई आलोक गुप्ता के रूप में की। इसके बाद धूमनगंज पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने अम्बर अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान 11 अगस्त की फुटेज में तीन युवक एक भारी नीले रंग का बैग अपार्टमेंट से निकालकर स्विफ्ट कार में रखते दिखाई दिए। वादी ने इनमें से एक युवक की पहचान शुभम तिवारी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दो अन्य आरोपितों शुभम यादव और अंकुश यादव की पहचान की। पुलिस ने तीनों को सूबेदारगंज फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन बरामद किया गया।
रुपये के लेनदेन और रंजिश में हत्या का आरोप
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपित शुभम तिवारी ने बताया कि आलोक उसका दोस्त था और शादी समारोहों में फोटोग्राफी का काम करता था। पुलिस के अनुसार आलोक की आर्थिक स्थिति अच्छी थी और शुभम ने उससे काफी रुपये उधार ले रखे थे। आरोपित ने यह भी बताया कि वह आलोक के रहन-सहन से ईर्ष्या करता था। पुलिस के मुताबिक आलोक द्वारा उसे बेरोजगार और अपना नौकर कहकर मजाक उड़ाने से भी वह नाराज था। पुलिस के अनुसार इसी रंजिश के चलते शुभम तिवारी ने अपने साथी शुभम यादव और अंकुश यादव के साथ मिलकर आलोक की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि तीनों ने आलोक को गोली मार दी। गोली लगने के बाद जब आलोक चिल्लाने लगा तो आरोपितों ने उसका मुंह और गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को नीले रंग के बैग में भरकर कार से मध्य प्रदेश के रीवा में ले जाकर फेंक दिया गया।
डीसीपी सिटी ने कहा- साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन के मुताबिक, धूमनगंज पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम ने गुमशुदगी के मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का खुलासा किया। जांच में तीन आरोपितों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, खोखा कारतूस, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल वाहन बरामद हुआ है। मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम काे 25 हजार रुपये का पुरस्कार
पुलिस के मुताबिक आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना के सफल अनावरण में शामिल पुलिस टीम को अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) की ओर से 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद हत्या के मुकदमे में धारा 61(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। तीनों आरोपितों के खिलाफ मु0अ0सं0 314/2026 के तहत धारा 103(1), 238, 61(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की जा रही है।