07 Sep 2026
बागपत, 07 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे सोमवार की रात एक बार फिर मौत का गवाह बन गया। बड़ागांव के पास राजस्थान के गोगामेड़ी से दर्शन कर बदायूं लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप भीषण हादसे का शिकार हो गई। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 तक पहुंचने की सूचना है, जबकि कई घायल अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। शुरुआती घंटों में छह मौतों की सूचना थी, लेकिन इलाज के दौरान कई घायलों की हालत बिगड़ने से मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।
32 श्रद्धालु सवार थे, अचानक बिगड़ा वाहन का संतुलन
पुलिस के मुताबिक पिकअप में करीब 32 लोग सवार थे। सभी राजस्थान के गोगामेड़ी से दर्शन के बाद बदायूं लौट रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों में उनका संबंध अलाहपुर, थाना उझानी, जिला बदायूं से बताया गया है। वाहन संख्या UP-24 AT-1819 बताई गई है।
बड़ागांव के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हुआ और डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद पिकअप पलट गई। कुछ रिपोर्टों में पिकअप को कैंटर द्वारा टक्कर मारे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस हादसे के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू
दुर्घटना की सूचना मिलते ही खेकड़ा पुलिस, पीआरवी और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल सीएचसी खेकड़ा, सीएचसी बागपत और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली समेत अन्य हायर सेंटर रेफर किया गया है।
डीएम-एसपी अस्पताल पहुंचे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय देर रात जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन और पुलिस की टीमें मृतकों तथा घायलों के परिजनों से संपर्क करने में जुटी हैं।
परिजनों के लिए हेल्पलाइन जारी
एसपी बागपत की ओर से मृतकों और घायलों की जानकारी के लिए 9454417383 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। परिजन इस नंबर पर संपर्क कर अपने लोगों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
नाम-पते की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हादसे में जान गंवाने वालों में महिला और बच्ची समेत कई श्रद्धालु शामिल होने की बात सामने आई है, लेकिन मृतकों की पूरी नामावली और उनके सटीक पते की आधिकारिक पुष्टि अभी सभी विश्वसनीय स्रोतों में उपलब्ध नहीं है।
एक रात का सफर 13 परिवारों के लिए मातम में बदल गया। गोगामेड़ी से आस्था की यात्रा पर निकले इन श्रद्धालुओं को शायद अंदाजा भी नहीं था कि वापसी का रास्ता उनके परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ जाएगा। अब जांच के साथ सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 32 यात्रियों से भरे इस वाहन को सुरक्षित यात्रा की मंजूरी और सुरक्षा मानकों की निगरानी में कहां चूक हुई।
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