08 Sep 2026
-सुजौली में तेंदुए के हमले से दहशत, इकलौते बेटे की मौत पर बेसुध होती रही मां, वन विभाग ने लगाए पिंजरे और ट्रैप कैमरा
बहराइच, 08 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली क्षेत्र में सोमवार की रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। घर के बाहर नल पर पानी भरने गए 9 वर्षीय मासूम पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर मां और ग्रामीण दौड़े तथा शोर मचाकर तेंदुए को खदेड़ दिया, लेकिन तब तक मासूम गंभीर रूप से घायल हो चुका था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना सोमवार रात करीब 10 बजे सुजौली गांव में हुई। गांव निवासी सुशीला, जिनके पति राजू का पहले ही निधन हो चुका है, अपने इकलौते बेटे राजवीर (9) के साथ रहती थीं। रात में राजवीर घर के बाहर लगे नल पर पानी भरने गया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
राजवीर की चीख सुनते ही मां सुशीला और आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के सहारे तेंदुए को घेरने का प्रयास किया। लोगों की भीड़ और शोर बढ़ता देख तेंदुआ मासूम को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, तब तक वह राजवीर को गंभीर रूप से घायल कर चुका था।
एंबुलेंस से नहीं हो सका संपर्क, ग्रामीण की गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
घायल बच्चे को बचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। आरोप है कि एंबुलेंस के लिए किया गया फोन संपर्क में नहीं आ सका। ऐसे में गांव निवासी महिपाल यादव अपनी निजी गाड़ी से राजवीर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद वन विभाग को सूचना देने के लिए रेंज कार्यालय पर भी लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां भी तत्काल बात नहीं हो सकी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को मां सुशीला की हालत बेहद खराब रही। इकलौते बेटे की मौत के गम में वह बार-बार बेसुध होती रहीं। पति के निधन के बाद जिस बेटे के सहारे वह जीवन गुजार रही थीं, उसे भी तेंदुए ने उनसे छीन लिया।
घटनास्थल पर मिले पगमार्क, तेंदुए की तलाश में ट्रैप कैमरा और पिंजरे
प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पगमार्क मिले हैं। तेंदुए की पहचान और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाए जा रहे हैं, जबकि उसे पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक की मां को तत्काल राहत के तौर पर 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। नियमानुसार शेष मुआवजे की कार्रवाई भी जल्द पूरी कराई जाएगी।
डीएफओ दीक्षित ने बताया कि क्षेत्र इन दिनों बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ के कारण वन्यजीव सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में जंगल से निकलकर आसपास के ग्रामीण इलाकों की ओर पहुंच रहे हैं। इसी वजह से आबादी के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने और रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलने की अपील की है। मासूम की मौत के बाद सुजौली गांव में दहशत पसरी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही होती रही है, लेकिन इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों का डर और बढ़ गया है। शाम ढलते ही लोग बच्चों को घरों के भीतर रखने लगे हैं और रात में बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं।