08 Sep 2026
लंदन, 08 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। ब्रिटेन में मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। लंदन के हीथ्रो, गैटविक और स्टैनस्टेड समेत देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 425 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जबकि बड़ी संख्या में उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं।
तकनीकी गड़बड़ी की वजह से सबसे ज्यादा असर उड़ानों के प्रस्थान (Departure) पर पड़ा। हीथ्रो एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें रद्द होने और 367 उड़ानों में देरी की सूचना है। गैटविक पर भी करीब 250 उड़ानें प्रभावित हुईं। स्टैनस्टेड और ल्यूटन के अलावा मैनचेस्टर, बर्मिंघम, एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन एयरपोर्ट भी इसकी चपेट में आए हैं।
NATS ने बताई खराबी की वजह
ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा NATS (National Air Traffic Services) ने बताया कि तकनीकी समस्या उसके फ्लाइट-प्रोसेसिंग सिस्टम में आई थी। इंजीनियरों ने समस्या को दूर करने के लिए तत्काल काम शुरू किया और बाद में NATS ने सिस्टम में सुधार लागू किए। हालांकि कंपनी ने साफ किया कि सिस्टम के रिकवर होने के बावजूद हवाई यातायात को पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
NATS के मुताबिक ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं हुआ था और कुछ उड़ानों का संचालन जारी रहा। लेकिन सिस्टम की गड़बड़ी के कारण उड़ानों की आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ा, जिससे देरी और रद्दीकरण का सिलसिला बढ़ता गया।
यूरोप की उड़ानों पर भी असर
इस तकनीकी खराबी का असर ब्रिटेन से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा है। ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट समेत कई एयरलाइनों ने व्यवधान की पुष्टि की है। ईजीजेट के मुताबिक इसका असर यूरोप के दूसरे हिस्सों में संचालित उड़ानों पर भी पड़ा। कुछ यात्रियों को अपनी उड़ानों के लिए लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा।
यात्रियों को एयरलाइन से स्थिति जांचने की सलाह
एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइनों ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति संबंधित एयरलाइन से जांच लें। सिस्टम ठीक होने के बावजूद पहले से जमा हुई देरी और रद्द उड़ानों का असर देर रात तक जारी रहने की आशंका है।
बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों पर सवाल
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में यह घटना पहली बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है। 2023 में भी फ्लाइट-प्लान प्रोसेसिंग सिस्टम में खराबी के कारण व्यापक स्तर पर उड़ानें प्रभावित हुई थीं। उसके बाद ब्रिटेन के विमानन नियामक ने NATS को सिस्टम फेल होने की स्थिति में अपनी वैकल्पिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा था।
इस बार की घटना ने एक बार फिर ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की विश्वसनीयता और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरलाइनों ने भी लगातार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों पर चिंता जताई है।