08 Sep 2026
मालदा, 08 सितंबर (एजेंसी)। जिले के भूतनी इलाके में मंगलवार को बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई। रिंग तटबंध में बड़ी दरार के बाद गंगा का पानी द्वीप क्षेत्र में घुस गया, जिससे करीब ढाई लाख लोग बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। आधी रात से ही हजारों लोग, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, अपने सामान और मवेशियों के साथ घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं।
बाढ़ का पानी निकालने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को दक्षिण चांदपुर में तटबंध के एक हिस्से को काटने का फैसला किया है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने और राहत एवं बचाव अभियान में आ रही मुश्किलों के बीच स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं की मांग के बाद यह निर्णय लिया गया।
भूतनी एक द्वीप क्षेत्र है, जिसकी सुरक्षा करीब 28 किलोमीटर लंबे रिंग तटबंध से होती है। यहां तीन ग्राम पंचायतें हैं। उत्तर चांदपुर में तटबंध का करीब एक किलोमीटर हिस्सा भारी कटाव के कारण बह गया, जिसके बाद गंगा का पानी तेजी से इलाके में प्रवेश कर गया।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती राहत और बचाव के लिए नौकाओं की कमी है। बचाव कार्य के लिए कुछ नौकाओं की व्यवस्था की गई है, जबकि करीब 50 और नौकाएं दूसरे इलाकों से मंगाई जा रही हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग खुद ही सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे माणिकचक घाट पर गंगा का जलस्तर 25.81 मीटर दर्ज किया गया, जो 25.30 मीटर के अत्यंत खतरे के निशान से करीब 51 सेंटीमीटर ऊपर है। सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ सकता है।
माणिकचक के विधायक गौर चंद्र मंडल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को स्थिति की जानकारी दी है। उन्होंने एक भावुक संदेश में बाढ़ की स्थिति को रोक पाने में असमर्थता पर दुख जताया और कहा, “मैं बहुत दुखी और क्षमाप्रार्थी हूं। मैं ऐसा नहीं कर सका।”