07 Sep 2026
नई दिल्ली, 07 सितंबर (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करके घायल करने के आरोपित स्वतंत्र भारद्वाज की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी है।
सोमवार सुबह स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से पेश वकील ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज तीन दिन से हिरासत में है, जो गैरकानूनी है। उन्होंने गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आज ही सुनवाई करने की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने आज ही सुनवाई करने का आदेश दिया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने आज ही इस मामले में भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने भारद्वाज को 6 सितंबर को 7 सितंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उसके पहले वो एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी तब हुई थी, जब उसने एक पॉडकास्ट में इस बात को स्वीकार किया था कि उसने एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता के सिर पर हमला किया। इस पॉडकास्ट के बाद काकरोच जनता पार्टी और कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद ही पॉडकास्ट पर आरोप कबूल किया है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर में गिरफ्तार किया गया था। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो कानून और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।