10 Sep 2026
अहमदाबाद/गांधीनगर, 10 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। गुजरात में एक बार फिर बम धमाकों की धमकी से हड़कंप मच गया है। अहमदाबाद के वेजलपुर स्थित गायडस स्कूल, बोपल की डीपीएस और उद्गम स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल बच्चों को घर भेजने की सूचना अभिभावकों को दी।
ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आते ही बम स्क्वॉड, फायर विभाग, पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीमें संबंधित स्कूलों में पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों को तत्काल खाली कराया गया और पूरे परिसर की जांच शुरू कर की गई है।
गायडस स्कूल में विद्यार्थियों को छुट्टी देने के बाद अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों को घर ले जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भय के माहौल के बीच अभिभावक स्कूलों की ओर दौड़ते नजर आए।
फायर विभाग की दो गाड़ियां और पुलिस की टीम भी स्कूल पहुंची। एहतियात के तौर पर पूरे स्कूल परिसर को खाली करा दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए फायर विभाग की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया।
डीईओ रोहित चौधरी ने बताया कि जिन स्कूलों को धमकी संबंधी ई-मेल मिले हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जिस स्कूल को ई-मेल मिला है, उसे पुलिस को इसकी जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने स्कूलों को बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच गांधीनगर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह के समय अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा ई-मेल के माध्यम से धमकी भरा मेल भेजा गया था।
मेल मिलने के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद न्यायाधीशों, वकीलों, कर्मचारियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया और वकीलों तथा नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया।
एएम डिविजन के एसीपी ए.बी. वाळंदे ने बताया कि वेजलपुर की गायडस स्कूल में सुबह करीब 9:44 बजे धमकी भरा ई-मेल आया था। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फायर विभाग की टीम भी तत्काल पहुंच गई।
उन्होंने बताया कि फिलहाल बम स्क्वॉड की टीम द्वारा स्कूल परिसर की जांच की जा रही है। स्कूल को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में ‘खालिस्तान’ का भी उल्लेख किया गया है। अब इसी आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी भरे ई-मेल के पीछे कौन है और इसका उद्देश्य क्या था।