10 Sep 2026
नई दिल्ली, 10 सितंबर (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने सत्य निकेतन हादसा मामले पर बड़ा निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने हादसे से उठे सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और मामले से जुड़ी एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी है। मामले पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी
हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय मामले की सुनवाई करता रहेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय छोटे अंतराल पर मामले की नियमित निगरानी करे। संबंधित अधिकारी उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते रहें । उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, साकेत और मालवीय नगर के अलावा लखनऊ के अलीगंज में अवैध निर्माण को लेकर भी रिपोर्ट मांगी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हमारा फोकस दिल्ली के रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के चलते हो रहे दुरुपयोग पर रहेगा।
इस मामले के एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा ने 8 सितंबर को उच्चतम न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल कर दिल्ली की सभी पीजी और हॉस्टलों की जांच की मांग की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस इलाके में बार-बार हादसे होना गंभीर चिंता की बात है। एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के आसपास बने पीजी, निजी हॉस्टल और छात्रों के रहने की जगहों का पूरा सुरक्षा आडिट कराया जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्य निकेतन इलाके में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
इस इलाके में बार-बार होने वाले इन हादसों ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि यहां नियमों को सही तरीके से लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।प्रस्तावित जांच में बिल्डिंग का प्लान, निर्माण की गुणवत्ता, बेसमेंट का इस्तेमाल कैसे हो रहा है, ढांचा कितना मजबूत है, आग से बचाव के इंतजाम और आपातकालीन स्थिति में निकलने के रास्ते जैसी चीजों की बारीकी से जांच होगी।