14 Sep 2026
नई दिल्ली, 14 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरे पीजी के बगल वाली बिल्डिंग को बिना मलबा हटाए गिराये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आप याचिका दायर कीजिए, ये अपने आप लिस्ट हो जाएगी।
याचिकाकर्ता का कहना था कि गिरे हुए पीजी के बगल वाली बिल्डिंग को गिरा दिया गया। वहां पीजी का मलबा पड़ा था और वहां पीड़ित दबे हो सकते हैं। तब उच्च न्यायालय ने पूछा कि आपकी सूचना का स्रोत क्या है। कोर्ट ने कहा कि बिल्डिंग गिराने के पहले प्रशासन ने बिल्डिंग गिराने के पहले तकनीकी आडिट किया होगा। आप याचिका दायर कीजिए, ये अपने आप लिस्ट हो जाएगी।
सात सितंबर को उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया था कि वो दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग के अचानक भरभराकर गिरने के मामले की उच्चस्तरीय जांच करे। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वो इस हादसे में फंसे छात्रों को बचाने के काम में तेजी लाए। उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि राज्य सरकार इस मामले की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम को उच्चस्तरीय जांच का आदेश देते हुए कहा था कि इस हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या किया गया, ये कोर्ट को सूचित करें। उच्च न्यायालय ने इस बात पर अफसोस जताया था कि हर दो साल के बाद दिल्ली में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। आखिर दिल्ली सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रही है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि राहत और बचाव कार्य पूरी गति से चल रहा है। हर संभव कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस घटना के और मलबे में फंसे लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होने पर चिंता जताते हुए कहा था कि मौत पर सनसनी पैदा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सर्कुलेट नहीं करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग की। तब कोर्ट ने कहा था कि हम इस पर विचार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि जिस "हॉस्टल डेज़ बॉयज़ पीजी” में हादसा हुआ वो दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक है और वो स्टूडेंट हब है। इस पीजी में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। ये हादसा बीते 6 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे हुआ जिसके बाद मलबे में कई छात्र दब गए।