14 Sep 2026
नई दिल्ली, 14 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला कर घायल करने के आरोपित स्वतंत्र भारद्वाज की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ने कल यानि 15 सितंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से पेश वकील उमेश शर्मा ने कहा कि उन्हें राजनीतिक वजहों से फंसाया गया है। शर्मा ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज को एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उसके खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई।कोर्ट ने 7 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने भारद्वाज को 6 सितंबर को 7 सितंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उसके पहले वो एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी के बुलंदशहर से 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी तब हुई थी, जब उसने एक पॉडकास्ट में इस बात को स्वीकार किया था कि उसने एक प्रदर्शनकारी छात्रा के पिता के सिर पर हमला किया। इस पॉडकास्ट के बाद काकरोच जनता पार्टी और कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद ही पॉडकास्ट पर आरोप कबूल किया है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी के बुलंदशहर में गिरफ्तार किया गया था। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो कानून और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान काकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग साली वर्दी में लाठी और डंडे लेकर आए थे और प्रदर्शनकारियों पर हमलों को अंजाम दिया था। इस प्रदर्शन के दौरान की स्वतंत्र भारद्वाज की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।