14 Sep 2026
नई दिल्ली, 14 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के तीन बार अध्यक्ष रह चुके डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा समेत कई शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने सोमवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव और पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने सभी को पटका पहनाकर पार्टी में विधिवत शामिल कराया। कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने के लिए कांग्रेस में आए हैं। राहुल गांधी उच्च शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था पर हो रहे सुनियोजित हमलों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को बचाने और सभी वर्गों के लिए शिक्षा में सामाजिक न्याय व समानता सुनिश्चित करने की लड़ाई में वे भी सहभागी बनने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में हजारों प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं और अब उच्च शिक्षा भी इसी गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है।
राजेंद्र पाल गौतम ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. मिश्रा और उनके साथियों ने संविधान, लोकतंत्र और सार्वजनिक शिक्षा को बचाने के संकल्प के साथ यह कदम उठाया है। गौतम ने आरोप लगाया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्तारूढ़ विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों पर भारी धनराशि खर्च की जा रही है, जबकि उसी पैसे से विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और बुनियादी सुविधाएं खड़ी की जा सकती थीं। शिक्षा को इतना महंगा बना दिया गया है कि आम और गरीब परिवारों के लिए उच्च शिक्षा पाना अत्यंत कठिन हो गया है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा का लंबा शैक्षणिक और सांगठनिक अनुभव युवाओं व छात्रों को सही दिशा देने में मददगार साबित होगा। वहीं, दिल्ली प्रदेश प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने कहा कि आज छात्रों और शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर लाठियां खानी पड़ रही हैं और थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे दौर में प्रबुद्ध शिक्षाविदों का कांग्रेस से जुड़ना शिक्षा के अधिकार की लड़ाई को वैचारिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा।