14 Sep 2026
जयपुर, 14 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। जिला उपभोक्ता आयोग-प्रथम ने कार में उत्पादकीय दोष होने व एक्सीडेंट में एयरबैग नहीं खुलने को गंभीर सेवादोष मानते हुए मारूति सुजुकी इंडिया पर 2 लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। वहीं कार विक्रेता केपी ऑटोमोटिव्स को कहा है कि वह परिवाद का खर्चा 25 हजार रुपए भुगतान करे। विपक्षीगण यह राशि 45 दिन में परिवादी को दे दें। आयोग ने कहा कि साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि परिवादी की कार सामने से एक मृत जानवर से टकराई और पलट गई, लेकिन उसके दोनों एयरबैग नहीं खुले। ऐसे में विपक्षी कार कंपनी से परिवादी को हर्जा-खर्चा दिलवाना उचित होगा। आयोग के अध्यक्ष डॉ. सूबेसिंह यादव और सदस्य हेमलता अग्रवाल व आशुतोष ने यह आदेश निर्माण नगर निवासी पीयूष शर्मा के परिवाद पर दिया।
परिवाद में अधिवक्ता विपुल शर्मा ने बताया कि परिवादी ने केपी ऑटोमोटिव्स से 31 अगस्त 2017 को मारूति की डिजायर कार खरीदी थी। कार 60 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर चलाने पर ही डगमगाने लगी। उसने सितंबर 2017 में कार की पहली सर्विस के दौरान कंपनी के वर्कशॉप सुपरवाइजर को यह जानकारी दी। सुपरवाइजर ने उसे कहा कि वाहन की व्हील बैलेंसिंग करवाने पर यह समस्या खत्म हो जाएगी। एक अक्टूबर 2018 को दूदू के पास उसकी कार सड़क के बीच पड़े सांड से टकरा गई, लेकिन उसके आगे के एयरबैग नहीं खुले। इससे परिवादी की रीड की हड्डी में चोट आई और उसे रात को ही डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाना पड़ा। यदि कार के एयरबैग खुल जाते तो उसके चोट नहीं आती। यह विपक्षी का सेवादोष है। इसलिए उसे विपक्षी विक्रेता व कंपनी से हर्जा-खर्चा दिलवाया जाए।