15 Sep 2026
- मप्र उच्च न्यायालय ने सीबीआई को जवाब पेश करने के लिए दिया एक हफ्ते का समय
भोपाल, 15 सितम्बर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उच्च न्यालायय से भी कोई राहत नहीं मिली। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जमानत का विरोध किया।
दरअसल, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जेल में बंद गिरिबाला सिंह की करीब तीन सप्ताह से लंबित जमानत याचिका पर आज उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने सुनवाई की। इस दौरान न्यायालय ने गिरिबाला सिंह और सीबीआई के वकीलों की दलीलें सुनीं। सीबीआई की ओर से जवाब के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया, साथ ही जमानत का विरोध करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जिसके बाद उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की है।
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह द्वारा दलील दी गई कि उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि गिरिबाला सिंह जांच और कार्रवाई में पूरी तरह सहयोग करेंगी। वहीं, सीबीआई की ओर से मामले में जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया। न्यायालय ने सीबीआई को समय देते हुए अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित कर दी। फिलहाल गिरिबाला सिंह जेल में हैं और उनकी जमानत पर अंतिम फैसला अगली सुनवाई में होने की संभावना है।
गिरिबाला सिंह के वकील सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जस्टिस अजय कुमार निंरकारी को कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष की ओर से वकील कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उनकी ओर से कहा गया कि गिरिबाला सिंह की उम्र को देखा जाए। उन्होंने बताया कि गिरिबाला सिंह की ओर से कोई भी गलती नहीं की गई है। उनकी ओर से नहीं उकसाया गया, जिससे ट्विशा ने आत्महत्या की। न ही इस केस में उनकी तरफ से ऐसा कोई कृत्य किया गया है, जिससे कि यह कहा जा सके कि वो किसी भी जुर्म में संलिप्त हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह का कहना था कि दोनों ही पक्ष ने समय मांगा था। सीबीआई का कहना था कि वह केस डायरी प्रस्तुत करना चाहती है, इसके साथ ही अपत्ति भी दर्ज करवाई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की से दलील सुनने के बाद एक सप्ताह का समय दिया है।
गौरतलब है कि मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अगस्त 2026 में पति समर्थ सिंह और सास (पूर्व जिला न्यायाधीश) गिरिबाला सिंह के खिलाफ 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
इससे पहले मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे के खिलाफ भोपाल के कटारा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में पूर्व में भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिया था। इसके बाद मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। अब गिरिबाला सिंह की ओर से जमानत के लिए दोबारा उच्च न्यायालय का रुख किया गया है।
मंगलवार को हुई सुनवाई में सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि, लिखित आपत्ति पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मिलने के कारण उच्च न्यायालय ने फिलहाल जमानत याचिका पर कोई अंतिम राहत नहीं दी है। मामले में अगली सुनवाई सीबीआई के जवाब के बाद होगी।