15 Sep 2026
कोलकाता, 15 सितंबर (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एनकाउंटर में मारे गए प्रभास मंडल के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द जांच पूरी करने का भी निर्देश दिया है।
मंगलवार को न्यायमूर्ति अरिजीत बंद्योपाध्याय और न्यायमूर्ति ऋतब्रत कुमार मित्र की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी और तब तक जांच प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाए।
बारुईपुर एनकाउंटर मामले की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी कर रही है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है।
मामला बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या से जुड़ा है। गत जुलाई में लड़की लापता हो गई थी। बाद में उसका शव इलाके के एक तालाब से बोरे में बंद अवस्था में बरामद हुआ था। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया था। मामले में लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगा था।
पुलिस ने इस मामले में प्रभास मंडल, दिवाकर सरदार, आनंद सरदार और कबीर मोल्ला को गिरफ्तार किया था। सबसे पहले प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उसी ने नाबालिग का शव फेंके जाने की जगह की पहचान की थी। इसके बाद आनंद और दिवाकर को गिरफ्तार किया गया, जबकि कबीर को बाद में पकड़ा गया।
गत 7 जुलाई की रात पुलिस प्रभास मंडल को लेकर घटनास्थल पर अपराध का पुनर्निर्माण कराने गई थी। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान प्रभास ने एक पुलिसकर्मी से सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चलायी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की।
पुलिस के अनुसार, खुद को और अपने सहकर्मियों को बचाने के लिए बारुईपुर थाने के पिसी इंचार्ज अर्घ्य मंडल ने सर्विस रिवॉल्वर से प्रभास मंडल को गोली मारी थी। हालांकि, इस एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठने के बाद राज्य पुलिस की सीआईडी को मामले की जांच सौंपी गई थी। हाई कोर्ट अब जांच की प्रगति पर नजर रख रहा है।