15 Sep 2026
जोधपुर, 15 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राजस्थान हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के निर्माण में गड़बडिय़ों को लेकर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर डीजीपी राजीव कुमार शर्मा आज जोधपुर पहुंचे और कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। उसमें जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले एविडेंस के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट में डीजीपी राजीव शर्मा ने कुड़ी थाने में दर्ज हाईकोर्ट बिल्डिंग निर्माण मामले को लेकर स्पष्ट किया कि किसी भी जांच में जो भी गिरफ्तारी होती है, जिसमें किसी के विरूद्ध जांच में अपराधिक कृत्य सामने आता है तो उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। हाईकोर्ट बिल्डिंग निर्माण के मामले में भी जांच में अपराधिक कृत्य पाए जाने पर गिरफ्तारियां की गई है। आगे भी जांच में जिसकी भी लिप्तता आएगी, इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट में पेश होने के बाद जोधपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में डीजीपी राजीव शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग ली। उन्होंने मीटिंग से पहले पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस विभाग में किए हुए नवाचार के बारे में बताया। पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचने पर मंगलवार को डीजीपी राजीव शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां डीजीपी राजीव शर्मा ने क्राइम मीटिंग में बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर दिया।
अपराध रोकने के लिए 5 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव
डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि अपराधों की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शहर व प्रमुख क्षेत्रों में 5 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। डीजीपी ने कहा कि जैसलमेर-बाड़मेर बॉर्डर की सुरक्षा को किस तरह से हम अच्छा कर सकते हैं, वहां के लोगों को किस तरह से बेहतर पुलिसिंग दे सकते हैं। इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से ड्रग तस्करी, हथियार गिराने के मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में जागरूक नागरिक पुलिस का सहयोग करते हैं तो कई तरह के मामलों को रोका सकता है। डीजीपी ने कहा कि बॉर्डर पार तस्करी से लेकर अपराध रोकने के लिए 5 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्वीकृति सरकार की तरफ से आ चुकी है। जिसमें बॉर्डर के थाना क्षेत्रों, इंटर बॉर्डर ओर जिन जगहों पर अपराध ज्यादा है, वहां पर कैमरे लगाए जाएंगे। इसको लेकर डीओआईटी को जगहों के बारे में चिन्हित कर बताया जा चुका है।
जल्द ऐसे स्थानों पर कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिससे बॉर्डर से लेकर संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
नशे की तस्करी रोकने के लिए एएनटीएफ की चौकियां खोली
नशे को रोकने पर फोकस को लेकर कहा कि नशे की तस्करी रोकने पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। जिसमें एएनटीएफ की विभिन्न चौकियां खोली गई है। कई बड़े ओर इनामी अपराधियों को पुलिस ने पकड़ा है। इस अभियान में आमजन भी सहयोग करें। साइबर क्राइम को रोकने के लिए लगातार हम काम कर रहे हैं। वर्तमान में एक पुलिस अधीक्षक ओर कई अधिकारियों को इसमें लगाया है। जिसमें इस तरह के केसों की गहनता से ओर प्रभावी जांच हो। गुमशुदगी के मामलों को लेकर कहा कि ऐसे मामले में बरामदगी का रिकॉर्ड अच्छा है। आंकड़ा इसलिए बढ़ा है कि गत समय में अनिवार्य किया गया है कि मिसिंग रिपोर्ट लिखी जानी चाहिए।