15 Sep 2026
नई दिल्ली, 15 सितंबर (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का खुलासा करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दिल्ली के पूर्व मेयर फरहाद सूरी के दिल्ली आवास पर छापेमारी के मामले में गाजियाबाद के पुलिस अफसरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने फरहाद सूरी से कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए पहले संबंधित वैधानिक उपाय अपनाये जाने चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे उच्चतम न्यायालय आना ठीक नहीं है। न्यायालय ने अंतरराज्यीय पुलिस छापेमारी के लिए दिशा-निर्देश तय करने की वैकल्पिक मांग पर भी विचार करने से इनकार कर दिया।
गाजियाबाद पुलिस ने अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ रोडरेज के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में 25 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने उपाध्याय को अंतरिम संरक्षण दिया था। फरहाद सूरी ने याचिका में आरोप लगाया था कि 22 एवं 23 अगस्त की दरम्यानी रात को गाजियाबाद पुलिस बिना किसी वारंट के उनके दिल्ली स्थित आवास पर अभिषेक उपाध्याय की तलाश में पहुंची और तलाशी की। सूरी ने पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए गाजियाबाद के संबंधित पुलिस अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।