16 Sep 2026
नई दिल्ली, 16 सितंबर (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए बनी उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी में बदलाव की मांग खारिज कर दी है। उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कमेटी के कुछ सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया गया था। कोर्ट ने कहा है कि आरोप, अनुमान और कल्पना पर आधारित हैं, उनके पीछे कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने 20 अगस्त को काकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने इस प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में पूर्व जज जस्टिस रवि शंकर झा, पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और पूर्व डीजीपी डॉ एल आर बिश्नोई शामिल हैं। कमेटी पुलिस ज्यादतियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा जैसे मामलों की जांच करेगी।