16 Sep 2026
उज्जैन, 16 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सराफा बाजार स्थित खड़े हनुमान मंदिर को मार्ग चौड़ीकरण के दौरान यथास्थान रखने की मांग को लेकर बुधवार को सकल हिंदू समाज ने शक्ति प्रदर्शन किया। मंदिर से कंठाल चौराहे तक करीब एक किमी तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही और संतों ने प्रतिमा नहीं हटाने की मांग के साथ भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया।
बुधवार को खड़े हनुमान मंदिर के समर्थन में पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु जुटे। मंदिर से कंठाल चौराहे तक करीब एक किमी के रास्ते में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। आयोजन में साधु-संतों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम के जयकारे लगाए। मौके पर पुलिस और प्रशासन का अमला भी तैनात रहा।
इस दौरान संतों ने श्रद्धालुओं को खड़े हनुमान सरकार को उसी स्थान पर स्थापित रखने के लिए संकल्प दिलाया। मंच से संतों ने कहा कि इसके लिए वे अपने प्राण न्योछावर करने को तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो पसीने के साथ खून भी बहाएंगे। प्रशासन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रतिमा हटानी है तो दिन में हटाकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि वे सीने पर गोली खाने के लिए भी तैयार हैं। संतों ने यह भी कहा कि मांग नहीं मानी गई तो अगली बार पांच हजार नहीं, 50 हजार भक्त जुटेंगे।
साधु-संतों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने खड़े हनुमान मंदिर को उसी स्थान पर रखते हुए भव्य मंदिर बनाने का संकल्प लिया। सर्व समाज की ओर से एसडीएम एलेन गर्ग को बाबा महाकालेश्वर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें खड़े हनुमान की प्रतिमा को मौजूदा स्थान से नहीं हटाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि मार्ग चौड़ीकरण के दौरान मंदिर को किसी अन्य स्थान पर विस्थापित नहीं किया जाए और प्रतिमा को यथास्थान विराजित रखा जाए। समाज ने श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए इसी जगह भव्य मंदिर निर्माण की मांग भी रखी।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महेश आंजना ने कहा कि पिछले 15-17 दिनों से खड़े हनुमानजी को हटाने की योजनाओं की जानकारी सामने आ रही है। समाज की मांग है कि मूर्ती को कहीं और विस्थापित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि बुधवार को हजारों लोग आस्था के नाम पर एकत्र हुए हैं। यदि मांग नहीं मानी गई तो संतों के नेतृत्व में विहिप और बजरंग दल आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि अगली बार 50 हजार लोग जुटेंगे।
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने कहा कि खड़े हनुमान को लेकर पूरे हिंदू समाज की भावना प्रशासन तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रतिमा को यथास्थान रखने और मंदिर का सम्मान बनाए रखने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से कहा कि यदि प्रतिमा हटाने का निर्णय लिया जाता है तो कार्रवाई रात में नहीं, बल्कि दिन में की जाए। उन्होंने कहा कि, “फिर हिंदुओं के सीने आपके सामने होंगे, जो गोली खाने के लिए अपने आपको आगे करेंगे।”
समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए खड़े हनुमान मंदिर के आसपास की संरचनाएं हटाई जा चुकी हैं। इसके बावजूद प्रतिमा को हटाने के प्रयास सफल नहीं हुए। समाज का कहना है कि प्रतिमा को उसी स्थान पर रखते हुए मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम एलेन गर्ग ने कहा कि बाबा महाकालेश्वर के नाम से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। प्रशासन लोगों की मांग को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित मंच तक पहुंचाएगा। इस संबंध में जो भी निर्णय होगा, लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों ने श्रद्धालुओं और समाज के लोगों को खड़े हनुमान मंदिर के भव्य निर्माण का संकल्प भी दिलाया। आयोजन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस-प्रशासन की टीम पूरे समय मौके पर मौजूद रही।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में कंठाल-छतरी चौक मार्ग के सती गेट स्थित खड़े हनुमान मंदिर को सड़क चौड़ीकरण और यातायात सुगम बनाने के लिए हटाया जा रहा है। प्रशासन ने मंदिर का ढांचा तो हटा दिया, लेकिन प्राचीन हनुमान प्रतिमा को भारी मशीनों और क्रेन की मदद से भी हटाने के प्रयास सफल नहीं हुए। जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया। भक्त इसे आस्था और चमत्कार मान रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिमा को कहीं और विस्थापित नहीं किया जाए, उसे यथास्थान पर ही रखा जाए।