17 Sep 2026
नई दिल्ली, 17 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। डूसू चुनाव के बीच एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं व नेताओं को परेशान कर रही है और उन्हें हिरासत में ले रही है, जबकि चुनावी नियमों का उल्लंघन करने वाली एबीवीपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी को चुनाव जिताने के लिए भाजपा अपनी पूरी सरकारी मशीनरी डूसू चुनाव में लगा चुकी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से अपील करते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि एबीवीपी अपनी ही भाजपा सरकार की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाने में असमर्थ है, ऐसे समय में छात्रों के अधिकारों और उनके मुद्दों के लिए संघर्ष करने हेतु एनएसयूआई जैसे मजबूत संगठन की सख्त जरूरत है।
दिल्ली कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए एनएसयूआई प्रभारी और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि डूसू के चुनाव में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं, नेताओं और प्रत्याशियों पर व्यक्तिगत हमले किए गए एवं उनकी पहचान को लेकर निशाना साधा गया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की विचारधारा, पहचान या राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर हिंसा और भेदभाव करना बेहद चिंताजनक है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि एनएसयूआई गांधीवादी विचारों व संविधान पर भरोसा रखती है और भाजपा की जोर-जबरदस्ती से डरने वाली नहीं है।
केंद्र, दिल्ली राज्य और एमसीडी तीनों स्तरों पर भाजपा के सत्तारूढ़ होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एबीवीपी अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाने में असमर्थ है। उन्होंने एबीवीपी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उसका काम सिर्फ भाजपा की रैलियों में भीड़ जुटाना रह गया है। यही वजह है कि देश में जब भी पेपर लीक होता है या छात्रों पर अत्याचार होता है, एबीवीपी सड़कों पर संघर्ष करती नजर नहीं आती।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया डीयू दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय तो पहुंचे, लेकिन इसके जर्जर हालात और छात्रों की समस्याओं पर एक शब्द नहीं बोले। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर पर तंज कसते हुए कहा कि वे मोदी के कसीदे पढ़ते हैं और कहते हैं कि डीयू के बच्चों को हॉस्टल की जरूरत नहीं है। एक मीडिया घराने के मालिक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब यह कहा जाता है कि ‘नरेंद्र मोदी देश के सबसे अच्छे शिक्षक हैं’, तो साफ जाहिर होता है कि इन लोगों ने शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अड्डा बना दिया है।
देश में लगातार बंद हो रहे स्कूलों और जर्जर इमारतों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने यह सवाल भी किया कि बुनियादी सुविधाओं के बिना ‘विकसित भारत’ का सपना कैसे पूरा होगा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर लगातार उठाए जा रहे सवालों का हवाला देते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार देश को अराजकता और अशिक्षा की ओर धकेल रही है।