17 Sep 2026
नई दिल्ली, 17 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की ओर से गुरुवार को विजय चौक पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा दिवस के रूप में मनाए गए इस आयोजन में कर्तव्य पथ से सेवा तीर्थ तक 1.25 लाख मिट्टी के दीये प्रज्वलित किए गए। कार्यक्रम में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों, एनडीएमसी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों समेत हजारों लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह और एनडीएमसी सचिव राहुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सेवा और कृतज्ञता का प्रतीक बने दीये : रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 140 करोड़ नागरिकों की निरंतर सेवा की है। उनके जन्मदिवस पर देशवासी उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर ऊर्जावान जीवन की कामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी की यही इच्छा है कि प्रधानमंत्री स्वस्थ रहें और देश की सेवा करते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीवासियों ने अपने घरों से ‘आशीर्वाद का एक दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति स्नेह, सम्मान और विश्वास की अभिव्यक्ति की है।
रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों का यह आशीर्वाद प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देने के साथ ही निरंतर कार्य करने वाली सरकार और उसके नेतृत्व के प्रति भी समर्थन की अभिव्यक्ति है।
सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के कारण इस बार जन्मदिवस का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि देशभर में लोग प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं और शुभाशीष व्यक्त करने के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ जला रहे हैं।
उन्होंने प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्राप्त हो, ताकि वे विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते रहें।
नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिवस और राष्ट्रीय सेवा में 25 वर्ष पूरे होने का अवसर महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना जीवन मां भारती को समर्पित किया है और दिल्लीवासी विजय चौक पर एकत्र होकर उनके स्वस्थ, कर्मशील और दीर्घायु जीवन की कामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई संसद, सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों का निर्माण केवल इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ते कदमों का प्रतीक है।
एनडीएमसी कर्मचारियों और लाभार्थियों की भागीदारी
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि सेवा दिवस पर विजय चौक में एक साथ सवा लाख दीयों का प्रज्वलन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक बना। उन्होंने कहा कि इन दीपों की रोशनी ने सेवा के संकल्प को मजबूत करने के साथ देशवासियों को विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने बताया कि दीये प्रज्वलित करने के लिए एनडीएमसी के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहभागी सेवा भाव के साथ एकजुट हुए। यह आयोजन कर्तव्य, सेवा और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश है। उन्होंने एनडीएमसी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया, ताकि नई दिल्ली क्षेत्र को और अधिक स्वच्छ, हरित, सुंदर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान दिया जा सके।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने व्यक्त किया आभार
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल दीये जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों की अपनी-अपनी कहानियां हैं। किसी को रोजगार मिला है, किसी को स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल कार्ड का लाभ मिला है, जबकि कई लोग केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। उनके लिए जलाया गया हर दीया खुशी, संतोष, आभार और शुभकामनाओं का प्रतीक है।
चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण है। पारंपरिक दीयों के माध्यम से लोगों को अपनी भावनाएं और शुभकामनाएं व्यक्त करने का अवसर मिला।
नई दिल्ली के बदलते स्वरूप का उल्लेख
एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने कहा कि नई दिल्ली, जिसे पहले ‘लुटियंस दिल्ली’ के नाम से जाना जाता था, पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। नया संसद भवन, कर्तव्य पथ, कर्तव्य भवन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और भारत मंडपम जैसी परियोजनाओं ने राजधानी को नई पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के साथ नई दिल्ली में आधुनिक सार्वजनिक स्थानों, बेहतर सुविधाओं और शहरी विकास से जुड़े अनेक कार्य किए जा रहे हैं।